इंडस्ट्रियल एंट्रेपरेणुर्स एसोसिएशन द्वारा एमएसएमई ओखला कार्यालय के सहयोग से लॉयड्स इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा में बौद्धिक विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
इंडस्ट्रियल एंट्रेपरेणुर्स एसोसिएशन द्वारा एमएसएमई ओखला कार्यालय के सहयोग से लॉयड्स इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा में बौद्धिक विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

ग्रेटर नोएडा ।इंडस्ट्रियल एंट्रेपरेणुर्स एसोसिएशन द्वारा एमएसएमई ओखला कार्यालय के सहयोग से लॉयड्स इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा में बौद्धिक विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स , सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई ) को आईपीआर के महत्व, पंजीकरण प्रक्रिया तथा इसके व्यावसायिक लाभों से अवगत कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके की। लॉयड्स इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. राजीव अग्रवाल ने सभी उपस्थित उधमियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और नवाचार आधारित युग में बौद्धिक संपदा अधिकार किसी भी संस्था, उद्यम या शोधकर्ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उधमियों को नवाचार के साथ-साथ अपने विचारों की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आईपीआर एक मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे युवा, शोधकर्ता और उद्यमी अपने नवाचारों को सही समय पर संरक्षित करें, तो वे न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। आईईए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से आईपीआर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर. के. भारती, निदेशक, एमएसएमई ओखला कार्यालय ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में एमएसएमई सेक्टर में बौद्धिक संपदा अधिकारों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिजाइन और कॉपीराइट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं तथा बताया कि एमएसएमई मंत्रालय किस प्रकार उद्यमियों को आईपीआर पंजीकरण में तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। ओखला कार्यालय के सहायक निदेशक सुनील कुमार ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से उधमियों को अवगत कराया और उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।सिडबी की एजीएम मीनाक्षी अग्रवाल ने एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय योजनाओं और ऋण सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सिडबी नवाचार आधारित उद्यमों को वित्तीय सहयोग प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है, ताकि वे अपने विचारों को व्यावसायिक रूप दे सकें। कार्यक्रम के दौरान आईपीआर के एक्सपर्ट द्वारा आईपीआर से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन सत्रों में आईपीआर के व्यावहारिक पहलुओं, केस स्टडीज़ एवं पंजीकरण प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहरी समझ प्राप्त हुई। लॉयड के डीन एस पी द्विवेदी ने एकेडमिया और उधोगो के बीच के अंतर को कम करने के प्रयास करने के लिए उधमियों द्वारा किये गए प्रयासों के लिए उनका आभार किया और स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया। उपस्थित उद्यमियों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के उपाध्यक्ष गुरदीप सिंह तुली द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजक संस्थाओं, संकाय सदस्यों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में सभी के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में पी के तिवारी, नरेंद्र सोम, पी एस मुखर्जी, एच् एन शुक्ला, अंकित गोयल, सुशील शर्मा, हरबीर सिंह, प्रमोद झा, महिपाल सिंह,एम पी शुक्ला, विवेक चौहान,दिनेश चौहान, सूर्यकांत तोमर, शक्तिवेश सिंह, मृत्युंजय सिंह,आदित्य ओझा, टी एस चौधरी, पी के सिन्हा,सतेंदर गौतम, गौरव गुप्ता, एस बेहरा, लक्ष्मण सिंह,वीरेंदर सत्यार्थी,जे एम एस रावत, हीरा सिंह, एम एम शर्मा, एस पी सिंह, संजोव शर्मा, विवेक पाठक,टी थॉमस,अश्वनी शर्मा, रमाकांत द्विवेदी,अमित श्रीवास्तव, मनोहर शुक्ला, चांदवीर सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में उधमी उपस्थित रहे।




