जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समिति, कोल्ड वेव व सिटी हीट वेव एक्शन प्लान की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समिति, कोल्ड वेव व सिटी हीट वेव एक्शन प्लान की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

गौतमबुद्धनगर। जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रबंधन समिति एवं सिटी हीट वेव एक्शन प्लान (CHAP) तैयार किए जाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आपदा की अवधारणा से अवगत कराते हुए बताया कि आपदा प्राकृतिक अथवा मानवकृत कारणों, दुर्घटना या उपेक्षा से उत्पन्न ऐसी गंभीर घटना होती है, जिससे जीवन, संपत्ति, पर्यावरण एवं आजीविका को व्यापक क्षति पहुंचती है तथा जिसका सामना समुदाय अपने सीमित संसाधनों से नहीं कर पाता। समीक्षा के दौरान बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को चेतावनी दी गई। तीनों विकास प्राधिकरणों से वरिष्ठ अधिकारी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अथवा विशेष कार्याधिकारी की उपस्थिति नहीं रही। पुलिस विभाग, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुपस्थिति पर कड़े निर्देश दिए। आपदा कभी भी किसी स्तर पर आ सकती है और तैयारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पिछली माह की आयोजित बैठक की अनुपालन आख्या लिखित रूप में आज रात को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेंगे, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। यह भी निर्देश दिए कि संबंधित प्राधिकरणों एवं पुलिस विभाग को इस आशय का पत्र प्रेषित किया जाये कि आगामी बैठक में संबंधित विभागाध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी द्वारा दिसम्बर में हुई बैठक के निर्देश को दोहराया कि शीतलहर के दृष्टिगत राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर एक औद्योगिक जनपद है, जहां बड़ी संख्या में बाहरी श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में पर्याप्त रैन बसेरे, अलाव, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, प्रकाश एवं उचित तापमान की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। नगर निकायों, विकास प्राधिकरणों, ग्राम विकास विभाग एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से रात्रि भ्रमण टीमें गठित कर खुले में सो रहे व्यक्तियों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देशित किया गया कि जनपद की समस्त बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप जांच कराई जाए तथा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। पूर्व में दिए निरीक्षण दिसम्बर व जनवरी में दिए निर्देश की रिपोर्ट अभी तक नहीं आने पर नाराजगी भी व्यक्त की। साथ ही समस्त खतरनाक एवं बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की भी विस्तृत अग्नि सुरक्षा जांच कराने के निर्देश पुनः दिए गए। जिलाधिकारी ने रोड सेफ्टी के क्रम में सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, डिवाइडर सुधार, रोड मार्किंग, जेब्रा क्रासिंग, गतिरोधक, रेडियम रिफ्लेक्टर, प्रकाश बिंदुओं की मरम्मत तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षात्मक उपाय तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सभी वाहनों पर चेतावनी रेडियम स्टीकर लगाए जाने तथा जन जागरूकता पर विशेष बल देने को कहा गया। नवंबर से पेंडिंग 152 हॉट स्पॉट व 35 ब्लैक स्पॉट पर हुई बचाव करवाई की रिपोर्ट अथॉरिटियों द्वारा अभी तक नहीं दिए जाने को अंतिम अवसर दिया। शासन के सहयोग से प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने, निराश्रितों को कंबल वितरण, रैन बसेरों में 24 घंटे आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने, नोडल अधिकारी नामित करने तथा आपदा प्रहरी एप पर प्रतिदिन सूचना अपडेट करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निकांड की रोकथाम हेतु अग्निशमन विभाग को 24 घंटे सतर्क रहने, ग्राम स्तर पर जागरूकता बैठकें आयोजित करने तथा कारखानों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, मॉल, होटलों एवं आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।गौशालाओं में पशुओं के लिए अलाव, चारा, दवाइयों एवं टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पशु चिकित्सकों के माध्यम से शीतलहर एवं लू से बचाव हेतु जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में विद्यार्थियों को ठंड व लू से बचाव, यातायात नियमों एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए। घने कोहरे एवं शीतलहर के दौरान दुर्घटनाओं के दृष्टिगत सभी सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे चिकित्सक, दवाइयां, बेड, एंबुलेंस एवं रैपिड रिस्पांस टीम सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में सिटी हीट वेव एक्शन प्लान के अंतर्गत निर्देश दिए गए कि 20 मार्च 2026 तक जनपद के लिए प्रभावी हीट एक्शन प्लान तैयार कर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रस्तुत किया जाए। इसके लिए अधिकतम तीन विषय विशेषज्ञ अथवा प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन, अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना, ग्रीन एरिया वृद्धि, मियावाकी जंगल, जलाशयों का पुनर्जीवन, कूलिंग शेल्टर, जन जागरूकता एवं रिस्पॉन्स मैट्रिक्स तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग से संबंधित बिंदुओं पर की गई कार्यवाही का विस्तृत विवरण फोटोग्राफ सहित 02 दिवस के भीतर ईमेल आईडी ddmagbn@gmail.com पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, डिप्टी कलेक्टर चारुल यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीकम सिंह, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



