GIMS में इतिहास रचा गया: सरकारी अस्पताल में देश के पहले AI क्लिनिक का ऑन-ग्राउंड शुभारंभ, डॉक्टर–स्टार्टअप टाउनहॉल संपन्न
GIMS में इतिहास रचा गया: सरकारी अस्पताल में देश के पहले AI क्लिनिक का ऑन-ग्राउंड शुभारंभ, डॉक्टर–स्टार्टअप टाउनहॉल संपन्न

ग्रेटर नोएडा।गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), ग्रेटर नोएडा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अपने सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (सीएमआई जिम्स ) के माध्यम से एआई स्टार्टअप टाउनहॉल एवं एआई मेडटेक डॉक्टर–स्टार्टअप राउंडटेबल का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम सरकारी अस्पताल में स्थापित भारत के पहले एआई क्लिनिक के फिजिकल ऑन-ग्राउंड सत्र के रूप में आयोजित हुआ।एआई क्लिनिक के सफल राष्ट्रीय ऑनलाइन उद्घाटन के बाद आयोजित इस टाउनहॉल में एम्स दिल्ली, एम्स देवघर, आईआईटी कानपुर (मेडटेक एवं एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस), नैसकॉम , एनएचएस लंदन (यूके) तथा अमेरिका (यूएसए ) के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ चिकित्सकों, AI विशेषज्ञों और मेडटेक स्टार्टअप्स ने एक मंच पर आकर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वास्तविक और प्रभावी उपयोग पर मंथन किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. सुजाता चौधरी, एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (Addl. DGHS), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार रहीं। उन्होंने जिम्स में एआई क्लिनिक के फिजिकल रोल-आउट के अंतर्गत एआई मेडटेक डॉक्टर–स्टार्टअप राउंडटेबल का विधिवत उद्घाटन किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने, निदेशक एवं सीईओ, एम्स देवघर तथा डॉ. अभिषेक शंकर, प्रख्यात ऑन्कोलॉजिस्ट, एम्स दिल्ली ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, जिम्स ग्रेटर नोएडा ने की।आईआईटी कानपुर के मेडटेक एवं AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख डॉ. सर्वेश सोनकर ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अस्पताल आधारित वैलिडेशन, चिकित्सकीय फीडबैक और स्टार्टअप्स के लिए ट्रांसलेशनल रिसर्च के महत्व पर प्रकाश डाला।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका से डॉ. नंदिनी टंडन, को-फाउंडर एवं बोर्ड मेंबर, इंडस सेतु ग्लोबल फाउंडेशन ने एआई आधारित हेल्थकेयर इनोवेशन, वैश्विक सहयोग और स्टार्टअप–अस्पताल समन्वय पर अपने अनुभव साझा किए। इसके अलावा एनएचएस लंदन (यूके), नैसकॉम , पेशन्ट सेफ्टी सेक्रेटेरिएट (भारत सरकार), एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर मेडिकल डिवाइसेज सहित कई राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की।टाउनहॉल के दौरान कैंसर, टीबी, नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज और ट्रॉमा जैसे क्षेत्रों में एआई के उच्च प्रभाव वाले उपयोगों की पहचान की गई। स्टार्टअप्स को डॉक्टरों से प्रत्यक्ष क्लिनिकल फीडबैक मिला तथा सरकारी अस्पतालों में एआई समाधानों की तैनाती, वर्कफ्लो इंटीग्रेशन और स्केलेबिलिटी पर विस्तृत चर्चा हुई।सीएमआई जिम्स के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि यह टाउनहॉल सरकारी अस्पतालों को हेल्थकेयर इनोवेशन का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व में जिम्स जैसे संस्थान एआई और मेडटेक के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा तय कर रहे हैं।मुख्य अतिथि डॉ. सुजाता चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों को एआई के जिम्मेदार, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित उपयोग में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए, ताकि शुरुआती जांच, रोगी सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण इलाज हर नागरिक तक पहुंच सके।



