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ग्रेनो प्राधिकरण ने इसरो के एनआरएससी के साथ मिलकर अतिक्रमण मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की पहल । प्राधिकरण व एनआरएससी के बीच दिल्ली में एमओयू हुआ साइन,यह पहल करने वाला ग्रेटर नोएडा देश का पहला प्राधिकरण

ग्रेनो प्राधिकरण ने इसरो के एनआरएससी के साथ मिलकर अतिक्रमण मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की पहल 

प्राधिकरण व एनआरएससी के बीच दिल्ली में एमओयू हुआ साइन,यह पहल करने वाला ग्रेटर नोएडा देश का पहला प्राधिकरण

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के साथ मिलकर एआई आधारित अतिक्रमण मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की पहल की है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और एनआरएससी के बीच एमओयू साइन हुआ। प्राधिकरण की तरफ से एसीईओ सुमित यादव, जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह और मैनेजर अभिषेक पाल शामिल हुए। गौरतलब है कि यह परियोजना मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार आईएएस के निर्देशन में कार्यान्वित की जा रही है। इसका उद्देश्य भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता, वैज्ञानिकता और प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करना है। यह पहल देश में किसी भी विकास प्राधिकरण द्वारा पहली बार शुरू की जा रही है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) को उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह चित्रों के साथ एकीकृत कर अतिक्रमण की पहचान, विश्लेषण और रिपोर्टिंग की जाएगी। यह प्रणाली जीएनआईडीए को समयबद्ध जानकारी, जीआईएस आधारित दृश्य विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाएगी। एमओयू के तहत, एनआरएससी एआई आधारित मॉडल, मॉनिटरिंग डैशबोर्ड और अलर्ट सिस्टम विकसित करेगा तथा दीर्घकालिक कार्यान्वयन के लिए जीएनआईडीए को प्रशिक्षण और तकनीक हस्तांतरण भी प्रदान करेगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार आईएएस ने कहा कि “यह पहल टेक-इनेबल्ड गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसरो के सहयोग से भूमि संरक्षण और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, सटीकता और जवाबदेही आएगी।” इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुमित यादव ने कहा कि “एआई और उपग्रह आधारित मॉनिटरिंग से अतिक्रमण रोकथाम और कार्रवाई की क्षमता कई गुना बढ़ेगी। यह स्मार्ट, डेटा-ड्रिवन और प्रैक्टिव प्रवर्तन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।”

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