ग्रेनो प्राधिकरण ने अजनारा होम्स पर लगाई 54 लाख की पेनल्टी । एसटीपी न चलाने, बिना ट्रीट के सीवरेज को डिस्चार्ज करने व भूजल दोहन पर कार्रवाई
ग्रेनो प्राधिकरण ने अजनारा होम्स पर लगाई 54 लाख की पेनल्टी
एसटीपी न चलाने, बिना ट्रीट के सीवरेज को डिस्चार्ज करने व भूजल दोहन पर कार्रवाई
सॉलिड वेस्ट को निस्तारित किए बिना इधर-उधर फेंकने पर पेनल्टी भी शामिल
बिल्डर पर एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को प्राधिकरण ने लिखा पत्र
जुर्माने की रकम 7 कार्य दिवस में ग्रेनो प्राधिकरण के खाते में जमा कराने के निर्देश

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-16बी स्थित अजनारा होम्स (एपीवाई रियल्टी) पर एसटीपी न चलाने, सीवरेज को शोधित किए बिना डिस्चार्ज करने व उद्यान से जुड़े कार्यों के लिए भूजल दोहन करने पर 50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। साथ ही सोसाइटी से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन न करने पर भी 4.32 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई है। बिल्डर पर एफआईआर दर्ज करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से पुलिस को पत्र भी लिखा गया है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सीवर विभाग की टीम ने 202 बिल्डर सोसाइटियों को नोटिस जारी किया गया, जिसमें ग्रेटर नोएडा व ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों से एसटीपी की समुचित क्षमता और सुचारु संचालन पर जवाब मांगा गया है। साथ ही शोधित सीवेज पानी का इस्तेमाल पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए उपयोग कर रहे हैं या नहीं, इस पर भी जवाब मांगा गया। जवाब न मिलने पर सीवर विभाग की टीम मौके पर जाकर मुआयना करती है और पेनल्टी भी लगाती है। अजनारा होम्स पर कार्रवाई भी इसी अभियान के तहत की गई है। सीवरेज विभाग की तरफ से बिल्डर को पत्र भेजकर एसटीपी की स्थापित क्षमता और संचालन की स्थिति, सोसाइटी में रहने वाली कुल आबादी, शोधित सीवरेज के रियूज आदि की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन बिल्डर की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई, जिसके चलते निवासियों की शिकायत पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीवर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव के नेतृत्व में टीम ने हाल ही में सोसाइटी का विजिट किया। इस दौरान एसटीपी पूर्णतया बंद पाया गया। निवासियों ने बताया कि विगत दो वर्षों से एसटीपी बंद है। सोसाइटी में लगभग 2300 फ्लैट हैं, जिससे रोजाना औसतन लगभग 1.15 एमएलडी सीवेज निकलने का आकलन है। इस अशोधित सीवेज को नाली में गिराया जा रहा था। नाली की तरफ की लाइन चोक होने पर सीवेज को बेसमेंट में भी गिराया जाने लगा, जिसकी वजह से निवासियों के लिए गंभीर संकट की स्थिति बन गई थी। यह एनजीटी के आदेशों और सीपीसीबी व यूपीपीसीबी के नियमों के भी खिलाफ है। इसके अतिरिक्त पेड़-पौधों की सिंचाई के कार्यों के लिए भूजल दोहन भी नियमों के खिलाफ है, जिसके चलते ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीवर विभाग की तरफ से अजनारा होम्स (एपीवाई रियल्टी) पर 50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। जुर्माने की रकम 7 कार्यदिवस में प्राधिकरण के खाते में जमा कराने को कहा गया है। साथ ही एसटीपी को चालू कर शोधित सीवेज को सिंचाई, फ्लशिंग आदि कार्यों में करने के निर्देश दिए गए है। वहीं प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सोसाइटी से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन न करने पर 4.32 लाख की पेनल्टी लगाई है। इस तरह बिल्डर पर कुल 54.32 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। साथ ही एफआईआर दर्ज करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से पुलिस को पत्र भी लिखा गया है और दोबारा गल्ती करने पर लीज की शर्तों के तहत भी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने सभी बिल्डर सोसाइटियों के सीवर को एसटीपी से शोधित करने और पानी का इस्तेमाल सिंचाई कार्यों में करने की अपील की है।



