सूरजपुर में ऐतिहासिक प्राचीन बाराही मेला 2026 का भव्य आयोजन 1 अप्रैल से 13 अप्रैल तक,सोशल मीडिया और संस्कार है मेले की थीम
सूरजपुर में ऐतिहासिक प्राचीन बाराही मेला 2026 का भव्य आयोजन 1 अप्रैल से 13 अप्रैल तक,सोशल मीडिया और संस्कार है मेले की थीम

ग्रेटर नोएडा।क्षेत्रीय धरोहर के रूप में प्रसिद्ध सूरजपुर बाराही मेला-2026 का आयोजन इस वर्ष 1 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ किया जाएगा। इस बार मेले की थीम “सोशल मीडिया और संस्कार” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य आधुनिकता और परंपरा के समन्वय को बढ़ावा देना है।समिति अध्यक्ष चौ० धर्मपाल भाटी (प्रधान) ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले का शुभारंभ 1 अप्रैल 2026 को सायं 4:30 बजे ध्वजारोहण के साथ किया जाएगा, जिसके पश्चात भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा।महामंत्री ओमवीर बैंसला ने बताया कि मेला 1 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सायं 5 बजे से रात्रि 2 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल ने बताया कि मेले में विशाल ईनामी कुश्ती दंगल (₹101 से ₹1,51,000 तक) आयोजित किया जाएगा, जिसका प्रायोजन मोहन बाबा ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा किया जा रहा है।मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि इस बार मेले में पहली बार जलपरी शो विशेष आकर्षण रहेगा। इसके अलावा मारूति सर्कस, विभिन्न झूले, जादूगर शो,मीना बाजार, कवि सम्मेलन एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले की शोभा बढ़ाएंगे।जलपरी शो (पहली बार) विशाल ईनामी कुश्ती दंगल मारूति सर्कस एवं विभिन्न झूले जादूगर शो, काला जादू, मीना बाजार एवं खान-पान की दुकानें विराट कवि सम्मेलन (संतोष आनंद, मुकेश शर्मा सहित),2 अप्रैल 2026 को शेखचिल्ली एवं रुखसाना की महफिल के अलावा प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 8:15 बजे तक क्षेत्रीय परंपराओं का सम्मान किया जाएगा, जिसके बाद नियमित कार्यक्रम प्रारंभ होंगे।मेले में स्थित प्राचीन सरोवर में स्नान को लेकर मान्यता है कि इससे चर्म रोगों में लाभ मिलता है। साथ ही प्राचीन चौपाल में ग्रामीण जीवन से जुड़ी वस्तुएं बड़ी खाट, हुक्का, बैलगाड़ी, राया, पीछा, रई आदि आकर्षण का केंद्र रहेंगी।30 मार्च को भूमि पूजन एवं हवन,1 अप्रैल को उद्घाटन एवं भजन संध्या, 2 अप्रैल जिलाधिकारी मेधा रूपम द्वारा शुभारंभ होगा पत्रकार वार्ता में पदाधिकारी संरक्षक मंडल:डा० धनीराम देवधर, चौ० ब्रजपाल भाटी, महेंद्र सिंघल, चौ० शाहमल, टेकचंद प्रधान, चौ० राजू प्रधान, महेंद्र आर्य, सतवीर सिंह ठेकेदार, राजवीर भगत जी, बिजेंद्र सिंह आर्य, शिवदत्त आर्य, भूदेव शर्मा, भोपाल ठेकेदार, राजपाल खटाना के अलावा अध्यक्ष चौ० धर्मपाल भाटी (प्रधान),महामंत्री ओमवीर बैंसला,कोषाध्यक्ष – लक्ष्मण सिंघल,वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिजेंद्र ठेकेदार,उपाध्यक्ष चौ० जगदीश भाटी (एडवोकेट), सुनील देवधर, चौ० विनोद कौंडली और मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा, सह मीडिया प्रभारी सुभाष शर्मा, राजवीर शर्मा,सचिव विनोद भाटी, प्रचार मंत्री पवन जिंदल, उप प्रचार मंत्री हरिकिशन, संगठन मंत्री चौ० ज्ञानेंद्र देवधर, उप कोषाध्यक्ष योगेश अग्रवाल, व्यवस्थापक चौ० रवि भाटी, सह-व्यवस्थापक भीम खारी, अज्जू भाटी,कानूनी सलाहकार एडवोकेट दीपक भाटी, अजय शर्मा व अन्य प्रमुख सदस्य एवं सहयोगी अनिल भाटी, लीलू भगत , अनिल कपासिया, रूपेश चौधरी, विनोद पंडित (तेल वाले), ब्रह्म सिंह नागर, राकेश बंसल, धर्मवीर तंवर, महाराज उर्फ पप्पू, तोलाराम, केडी गुर्जर, अवनेंद्र यादव, रविंद्र मास्टर, हरीश नागर, राकेश भाटी, राहुल कपासिया, देवा शर्मा, राजकुमार नागर, पं० राजेश ठेकेदार, हरि शर्मा, सुनील सौनिक, रघुवीर (जेसीबी), विशाल गोयल, अवनीश सक्सेना उर्फ सोनू भैया, गौरव नागर, राजपाल भडाना, अरविंद भाटी, मदन शर्मा, सचिन भाटी, भगत सिंह आर्य मौजूद रहे




