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गैस संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से एमएसएमई उद्योगों पर गहरा संकट: अमित उपाध्याय

गैस संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से एमएसएमई उद्योगों पर गहरा संकट: अमित उपाध्याय

ग्रेटर नोएडा ।ईरान–इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता का असर अब देश के उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए ) के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने कहा कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में एलपीजी और कमर्शियल गैस की उपलब्धता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है, जिससे एमएसएमई उद्योगों के सामने उत्पादन जारी रखना बड़ी चुनौती बन गया है।उन्होंने कहा कि पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, सिलिकॉन स्प्रे सहित अनेक छोटे-मध्यम उद्योग कमर्शियल LPG और PNG गैस पर निर्भर हैं, लेकिन पिछले दो दिनों से कई स्थानों पर एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके कारण कई फैक्ट्रियां आंशिक रूप से बंद हैं और कई इकाइयां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।

 

अमित उपाध्याय ने बताया कि बाजार में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी भी देखने को मिल रही है, जहां ऊंचे दामों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यदि छोटे उद्योग महंगे दामों पर गैस खरीदने को मजबूर होते हैं तो उनकी उत्पादन लागत इतनी बढ़ जाती है कि उनका मुनाफा लगभग समाप्त हो जाता है। वहीं यदि उद्योग बंद होते हैं तो फैक्ट्री का किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन और बैंक की किश्त जैसे स्थायी खर्च उद्योगों के लिए गंभीर संकट पैदा कर देते हैं।

 

उन्होंने कहा कि हजारों उद्योगों ने लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर PNG पाइपलाइन कनेक्शन लिया था ताकि उन्हें स्थिर ऊर्जा आपूर्ति मिल सके, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में PNG आपूर्ति को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसका असर होटल इंडस्ट्री और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले छोटे फूड स्टॉल व ढाबों पर भी पड़ रहा है। यदि ये बंद होते हैं तो श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था प्रभावित होगी और उद्योगों में श्रमिकों की उपलब्धता पर भी असर पड़ेगा।

 

अमित उपाध्याय ने कहा कि कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण पॉलीमर सहित कई रॉ-मैटेरियल्स के दाम 40–45 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिससे उत्पादन लागत तेजी से बढ़ रही है और उद्योगों में चिंता का माहौल बन गया है।उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि के बाद यही क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देता है और देश की जीडीपी तथा निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान करता है। अकेले उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो लगभग 3 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं।अमित उपाध्याय ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि एलपीजी और पीएनजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, गैस की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा एमएसएमई उद्योगों को ऊर्जा लागत में राहत देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि उद्योगों की उत्पादन गतिविधियां और रोजगार सुरक्षित रह सकें।

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