आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला हुई संपन्न । ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल, ग्रेटर नोएडा में एनडीआरएफ ने दिया आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला हुई संपन्न
ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल, ग्रेटर नोएडा में एनडीआरएफ ने दिया आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण

गौतमबुद्धनगर।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के निर्देशों के क्रम में आज ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल के सेमिनार हॉल, HS-28, ब्लॉक-A, सिग्मा-1, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर में आपदा प्रबंधन में सहभागिता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाएं, जनपद स्तरीय अधिकारी, अध्यापक, आपदा मित्र, सिविल डिफेन्स के सदस्य एवं विद्यार्थीगण शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश तथा ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल की प्रधानाचार्य मंजू कौल रायना द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ ) की 8वीं बटालियन, गाजियाबाद के प्रशिक्षक राजू यादव द्वारा प्रतिभागियों को सीएपी प्रशिक्षण के अंतर्गत एनडीआरएफ का परिचय, उसकी संरचना, उद्देश्य एवं भूमिका के साथ-साथ विभिन्न आपदाओं में त्वरित, विशेषज्ञ एवं पेशेवर बचाव कार्यों के समन्वय के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, चक्रवात, आग, भू-स्खलन तथा रासायनिक एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को सीपीआर , एफबीएओ तथा बीएलएस जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिसमें कार्डियक अरेस्ट, गला घुटने की स्थिति तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट के सभी चरणों के बारे में जानकारी दी गई। रक्तस्राव रोकने की तकनीकें जैसे प्रत्यक्ष दबाव, टूरनीकेट तथा वाउंड पैकिंग का भी प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों से इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर तथा फ्लोटिंग डिवाइस तैयार करने की विधियां भी प्रदर्शित की गईं। प्रशिक्षण के दौरान भूकंप की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, अलार्म बजने पर निर्धारित मार्ग से बाहर निकलना, असेंबली प्वाइंट पर अनुशासन बनाए रखना तथा टीम लीडर के निर्देशों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण व्यवहारिक पहलुओं की भी जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ टीकम कुमार द्वारा कार्यशाला में प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) तथा ट्रायज प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।
जिला रिसोर्स पर्सन (DRP) ममता भारद्वाज तथा मास्टर ट्रेनर/प्रशिक्षण समन्वयक श्रीयांश चतुर्वेदी द्वारा ‘आपदा सखी’ मॉडल पर आधारित प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बताया गया कि ग्रामीण महिलाएं आपदा के समय केवल पीड़ित नहीं बल्कि रक्षक की भूमिका भी निभा सकती हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक चिकित्सा, CPR, खोज एवं बचाव तकनीकें, फायरमैन लिफ्ट, सुरक्षित निकासी के तरीके, स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए बांस एवं साड़ियों से स्ट्रेचर तैयार करना, जोखिम मानचित्रण तथा गांव के सुरक्षित एवं जोखिम वाले मार्गों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आपदा की पूर्व सूचना, राहत कार्यों तथा जागरूकता में स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इस पहल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी ) से जोड़कर गांवों को आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाना है।
अग्निशमन अधिकारी जितेन्द्र कुमार द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रमुखों, आपदा मित्रों एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की भूमिका विषय पर जानकारी देते हुए अग्नि से बचाव के उपाय तथा फायर एक्सटिंग्यूशर के प्रयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान रजत पांडे, संजू कुमार एवं बृजलाल द्वारा आपदा से बचाव संबंधी वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गईं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के साथ समूह फोटोग्राफ लिया गया तथा प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कार्यशाला का समापन किया गया।
जनपद स्तरीय इस कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 245 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, जनपद स्तरीय अधिकारी, अध्यापक, होमगार्ड जवान, आपदा मित्र/सिविल डिफेन्स के सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल रहे। इस कार्यक्रम का सफल संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार यादव, जिला परियोजना अधिकारी नेहा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर ज्योति बालियान, होमगार्ड इंस्पेक्टर विपिन शर्मा, एनसीसी के प्रतिनिधि, समस्त बीएमएम तथा विभिन्न तहसीलों के अधिकारी उपस्थित रहे।




