जिला बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर ने मनाया भारत का 77 वाँ गणतंत्र दिवस,कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश, समस्त न्यायिक अधिकारीगण, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं युवा अधिवक्ता हुए शामिल
जिला बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर ने मनाया भारत का 77 वाँ गणतंत्र दिवस,कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश, समस्त न्यायिक अधिकारीगण, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं युवा अधिवक्ता हुए शामिल

शफी मौहम्मद सैफी
ग्रेटर नोएडा।डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन, गौतम बुद्ध नगर द्वारा भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, देशभक्ति और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश, समस्त न्यायिक अधिकारीगण, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं युवा अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। न्यायिक परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और संविधान के प्रति सम्मान का भाव हर चेहरे पर दिखाई दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया। इसके बाद संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया गया, जिससे उपस्थित सभी अधिवक्ताओं ने संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत का संविधान देश की आत्मा है, जो हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी (बोडाकी) ने अपने संबोधन में कहा कि अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी केवल वकालत तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना भी उनका कर्तव्य है। सचिव शोभा राम चन्दीला ने सभी अतिथियों, न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बार एसोसिएशन सदैव संविधान के मूल्यों को मजबूत करने हेतु कार्य करती रहेगी।इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष रामशरण नागर, संजय भाटी, राजकुमार नागर एवं पूर्व सचिव डॉ. देव भाटी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमा प्रदान की। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपने उद्बोधन में संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए युवा अधिवक्ताओं से न्याय, सत्य और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।कार्यक्रम में प्रेम नारायण छावड़ी, देवी शरण शर्मा, के.एस. चन्दीला, सरदार सिंह लोहिया, देवेंद्र सिंह लोहिया, के.के. सिंह (पूर्व डी.सी.सी.), ठाकुर विपिन सिसोदिया, शिखर ठकराल, आज़ाद चन्देला, रविन्द्र बैसला, नरेंद्र सिंह (हबीबपुर) सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मौजूदगी रही। साथ ही अनेक युवा अधिवक्ताओं और महिला अधिवक्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान देश की न्यायिक व्यवस्था, संविधान की मजबूती, तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता और संविधान की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया। समारोह का समापन राष्ट्रभक्ति नारों एवं आपसी सौहार्द के साथ हुआ।



