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मनरेगा विधानसभा घेराव में जिले के अनेक कांग्रेस नेताओं को जबरन रोकने, उत्पीड़न करने के खिलाफ जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर का सत्याग्रह धरना

मनरेगा विधानसभा घेराव में जिले के अनेक कांग्रेस नेताओं को जबरन रोकने, उत्पीड़न करने के खिलाफ जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर का सत्याग्रह धरना

ग्रेटर नोएडा ।केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मूल स्वरूप को बदलकर उसे तथाकथित “जी-राम-जी” में परिवर्तित करने तथा मूल प्रावधानों को बदलने के विरोध में लखनऊ में संपन्न विधानसभा घेराव में पुलिसिया दमन और जिले के अनेक कांग्रेस नेताओं को जबरन रोकने, उत्पीड़न करने के खिलाफ जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा काली पट्टी बाँधकर आज जिला मुख्यालय सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में गांधी प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण सत्याग्रह (धरना) आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सूबेदार सतपाल सिंह ने किया। जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब परिवारों की जीवनरेखा है। केंद्र सरकार द्वारा इसके स्वरूप में परिवर्तन कर इसे कमजोर करने का प्रयास सामाजिक न्याय की अवधारणा पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस योजना को बचाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लखनऊ में विधानसभा घेराव के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया। जनपद गौतमबुद्ध नगर के अनेक कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को बिना किसी विधिक आधार के जबरन नजरबंद/बंदी बनाकर लखनऊ जाने से रोका गया। यह संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का खुला उल्लंघन है।

दीपक चोटीवाला ने कहा कि लखनऊ में पुलिस द्वारा की गई बर्बर कार्रवाई में कई कार्यकर्ता घायल हुए, जो प्रदेश सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।धरने के दौरान नोएडा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश यादव ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है। इसे कमजोर करना देश के गरीबों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने के लिए जिस प्रकार का दमन किया है, वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जबरन रोकना, नजरबंद करना और डराने का प्रयास करना सत्ता की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी इस दमन से डरने वाली नहीं है और जनहित के मुद्दों पर अपना संघर्ष और तेज करेगी।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण क्षेत्र से आए मजदूर उपस्थित रहे। धरने के उपरांत जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मनरेगा के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने तथा विधानसभा घेराव के दौरान हुए पुलिस दमन की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मनरेगा के मूल स्वरूप को बनाए रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।धरना सत्याग्रह में प्रमुख रूप से मुकेश शर्मा,रिज़वान चौधरी,निशा शर्मा,धर्म सिंह जीनवाल,सतीश शर्मा,अरुण गुर्जर,दुष्यंत नागर,श्रुति कुमारी,रमेश चंद यादव,कपिल भाटी,दयानन्द नागर,सुरेंद्र प्रताप सिंह,आर के प्रथम,गौतम सिंह,धर्मवीर प्रधान,सतपाल सिंह,प्रभात सिंह नागर,सचिन शर्मा,रमेश चंद जीनवाल,प्रिंस भाटी,कुबेर त्यागी,सुबोध भट्ट,धीरे सिंह,अमित कुमार,विपिन त्यागी,नरेश शर्मा,मोहम्मद यामीन,गौरव वशिष्ट,सचिन,संदीप भाटी,गौरव सिंह,विजय,सतीश,संदीप सिंह शिसोदिया,सुल्तान सिंह विधुड़ी आदि लोग उपस्थित रहे |

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