श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में इंडियन नॉलेज सिस्टम विथ वेरियस डिसिप्लिनरी एप्रोच एंड एनवायरनमेंट लॉ ” विषय पर विस्तृत एवं सारगर्भित व्याख्यान किया प्रस्तुत
श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में इंडियन नॉलेज सिस्टम विथ वेरियस डिसिप्लिनरी एप्रोच एंड एनवायरनमेंट लॉ ” विषय पर विस्तृत एवं सारगर्भित व्याख्यान किया प्रस्तुत

ग्रेटर नोएडा ।श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में रजनीकान्त अग्रवाल (सचिव) एवं डॉ0 गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य) के कुशल दिशा-निर्देशन में वन वीक ऑफ-लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी ) के तीसरे दिन का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि का स्वागत बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन आई.क्यू.ए.सी. समिति के तत्वावधान में किया गया, जिसकी संयोजक डॉ0 रश्मि गुप्ता (उप-प्राचार्या एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक) रहीं। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ0 बिनोद कुमार सिंह, प्राचार्य, सरस्वती विद्या मंदिर लॉ कॉलेज, शिकारपुर, बुलन्दशहर (उ0प्र0) ने “इंडियन नॉलेज सिस्टम विथ वेरियस डिसिप्लिनरी एप्रोच एंड एनवायरनमेंट लॉ ” विषय पर विस्तृत एवं सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली की बहुविषयक प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय चिंतन परंपरा में विधि, दर्शन, समाज, नैतिकता एवं पर्यावरण के संरक्षण का समन्वित दृष्टिकोण निहित है। उन्होंने पर्यावरण कानून के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सतत विकास, प्रकृति-संरक्षण तथा मानव पर्यावरण संतुलन की अवधारणाओं पर विशेष बल दिया तथा कहा कि भारतीय सिन्धु घाटी सभ्यता से लेकर वर्तमान वैश्विक सभ्यताओं का ज्ञान कराते हुये भारतीय सभ्यता को सर्वश्रेष्ठ बताया। भारतीय ज्ञान परम्परा में पर्यावरण संरक्षण के तत्व मिलते हैं, भारतीय ज्ञान परम्परा का अपनाकर पर्यावरण को स्वच्छ और समृद्ध किया जा सकता है। यह व्याख्यान शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं समसामयिक सिद्ध हुआ। उनके व्याख्यान से प्रतिभागी फैकल्टी सदस्य अत्यंत लाभान्वित हुए। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ0 निशा शर्मा ने तथा कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अमित नागर द्वारा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। अनुराधा द्विवेदी, डॉ0 पूजा रानी शर्मा, डॉ0 मीनाक्षी शर्मा, डॉ0 सोमना मिश्रा आदि ने भी प्रतिभागिता की।फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों के शैक्षणिक उन्नयन, शोध क्षमता विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रभावी एवं सार्थक पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम के सुचारु एवं सफल आयोजन हेतु विभिन्न समितियों का गठन क्रमशः किया गया। सजावट समिति, बुके, शॉल एवं दीप प्रज्ज्वलन समिति, पंजीकरण समिति, फीड बैक समिति, प्रमाण-पत्र लेखन समिति, वीड़ियों और फोटो समिति, प्रेस विज्ञप्ति समिति, नाश्ता समिति, हॉल व्यवस्था समिति, टेक्निकल समिति, सोशल मीडिया समिति, मंच संचालन समिति जिनमें सभी ने क्रमशः अपना-अपना अपना-अपना सहयोग प्रदान किया। डॉ0 देवानन्द सिंह, अमित नागर, शशी नागर, डॉ0 प्रीति रानी सेन, डॉ0 कोकिल, डॉ0 शिखा रानी, डॉ0 निशा शर्मा, डॉ0 संगीता रावल, डॉ0 अज़मत आरा, इन्द्रजीत सिंह डॉ0 सूर्य प्रताप राघव, डॉ0 राजीव उर्फ पिन्टू, कु0 नगमा सलमानी, प्रीति शर्मा, डॉ0 रेशा, महीपाल सिंह, कु0 चारू, डॉ0 नीतू सिंह, सुनीता शर्मा, हनी शर्मा, अखिल कुमार, कु0 रूचि शर्मा, प्रिंस त्यागी, अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, मुकुल कुमार शर्मा, रामकिशन सिंह, विनीत कुमार, अंकित कुमार, राकेश कुमार, रामकुमार शर्मा, रनवीर सिंह, बिल्लू सिंह, मीनू सिंह, ज्ञानप्रकाश कश्यप, मोती कुमार, धनेश कुमार, कमलेश, जगदीश सिंह, मनोज कुमार आदि एवं छात्र/छात्राओं ने भी अपना योगदान प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अनुशासनपूर्ण रहा।



