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77वें गणतंत्र दिवस पर समग्र शिक्षा की योजनाओं का व्यापक जन-जागरूकता अभियान

77वें गणतंत्र दिवस पर समग्र शिक्षा की योजनाओं का व्यापक जन-जागरूकता अभियान

ग्रेटर नोएडा /गढ़ी शहदरा गाँव। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जे.एच.एस. गढ़ी शहदरा विद्यालय के तत्वावधान में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक भव्य जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली एवं प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर से हुआ, जहाँ से प्रचार-प्रसार दल के नेतृत्व में 10 विद्यार्थियों की एक जागरूकता रैली पूरे उत्साह, अनुशासन एवं देशभक्ति भाव के साथ रवाना हुई। यह रैली गढ़ी शहदरा ग्राम से प्रारंभ होकर कासना मार्केट, परी चौक एवं सूरजपुर होते हुए पुनः गढ़ी शहदरा में संपन्न हुई। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अनीता गुसाईं एवं श्रीमती सरोज कुमारी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। रैली के दौरान तीन प्रमुख स्थलों—कासना, परी चौक एवं सूरजपुर चौराहे—पर सघन जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन स्थानों पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटकों ने उपस्थित जनसमुदाय को अत्यंत प्रभावित किया। देशभक्ति गीतों तथा लोकप्रिय गीत “टन-टन-टन घंटी बजी” के माध्यम से बच्चों ने शिक्षा के महत्व और सरकारी योजनाओं की उपयोगिता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त प्रचार-प्रसार दल द्वारा पोस्टर, टॉफी एवं बिस्किट वितरित कर आमजन से संवाद स्थापित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को सरकार की प्रमुख शैक्षिक योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा, जिनमें निपुण भारत मिशन, बाल वाटिका, डिजिटल शिक्षा (दीक्षा ऐप), डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूते-मोजे एवं बैग हेतु प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, बालिका शिक्षा, ऑपरेशन कायाकल्प, निशुल्क पाठ्यपुस्तकें एवं स्टेशनरी तथा मध्यान्ह भोजन योजना प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। इस जन-जागरूकता अभियान में स्थानीय नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। प्रचार-प्रसार दल के इस सराहनीय प्रयास से यह विश्वास व्यक्त किया गया कि समग्र शिक्षा की योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम पायदान तक पहुँचेगी और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

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