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बिसरख पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, 8 गिरफ्तार

बिसरख पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, 8 गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा ।ग्रेटर नोएडा के बिसरख में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन पुरुष और पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के जरिए उनकी गाढ़ी कमाई हड़प रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी बैंक दस्तावेज, पासबुक, डेबिट कार्ड, प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर से जुड़ा सामान, क्यूआर कोड और नकदी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह ‘मजाबुक मजे से जीतो’ नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए ठगी करता था।\डीसीपी सेंट्रल नोएडा, शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट, कसीनो, एविएटर, रूलेट और नंबरिंग गेम जैसे खेल खिलवाते थे। शुरुआती दौर में ग्राहकों को छोटी रकम जिताकर उनका विश्वास जीता जाता था, जिसके बाद उन्हें अधिक पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। जैसे ही कोई ग्राहक बड़ी रकम लगाता, खेल का नियंत्रण आरोपी अपने हाथ में ले लेते थे और ग्राहक को लगातार हरवाया जाता था। यदि कोई जीतता है और पैसे निकालने की बात करता, तो उसे तकनीकी दिक्कतों का बहाना बनाकर टाला जाता था या बड़ी शर्त लगाकर भुगतान रोक दिया जाता था। दबाव बढ़ने पर ग्राहक को ब्लॉक कर दिया जाता और उसकी पूरी रकम हड़प ली जाती थी। गिरोह फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग करके सिम कार्ड खरीदता था और इन्हीं सिम कार्डों के माध्यम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। ग्राहकों से पैसे इन खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से ट्रांसफर कराए जाते थे। बरामद सिम कार्ड पहले से एक्टिव थे और इन्हें अलग-अलग राज्यों के पते दिखाकर लिया गया था। पुलिस को इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक समेत कई बैंकों के खातों की जानकारी मिली है, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसों के लेनदेन में किया जा रहा था।\पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गौड़ सिटी क्षेत्र में एक ऑफिस से ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अवैध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने बुधवार को गौड़ सिटी सेंटर के चौथे तल पर छापा मारा। मौके पर कई लोग मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन दांव लगाते मिले। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 18 एंड्रॉयड मोबाइल, 4 लैपटॉप, 155 फर्जी सिम कार्ड, 50 से ज्यादा क्यूआर कोड, 2 कंप्यूटर मॉनिटर, 4 वाई-फाई मॉडेम, 10 डाटा शीट, 10 कॉलिंग हेडफोन और 45 हजार रुपये नकद बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में गर्व (21), अजय सिंह (25), और सोनल उर्फ अनिरुद्ध (32) शामिल हैं। गिरफ्तार महिलाओं में रुचि (20), कोमल (20), सुषमा (21), तनीषा (20), और सानिया सिंह (23) शामिल हैं। सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं और पिछले कई महीनों से इस नेटवर्क से जुड़े थे। मुख्य आरोपी सोनल उर्फ अनिरुद्ध ने पूछताछ में बताया कि वह कॉलिंग और डाटा प्रबंधन संभालता था। वह ऐसे लोगों का डाटा इकट्ठा करता था जिन्होंने पहले ऑनलाइन गेम खेले हों या ऐसे विज्ञापनों में रुचि दिखाई हो। इसके बाद कॉलिंग स्टाफ उन्हें फोन कर ज्यादा कमाई का लालच देता था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह पिछले छह महीनों से ‘ट्रेंट्रैक इनोवेटिव सॉल्यूशंस’ नाम से यह गतिविधि चला रहा था, जो न तो कहीं रजिस्टर्ड थी और न ही उसका कोई जीएसटी नंबर था। कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाकर इन्हें गेमिंग ऐप और कॉलिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं, जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खातों की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका जताई गई है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग या निवेश के नाम पर मिलने वाले लालच से बचें और ठगी होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें

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