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बड़ी खबर।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निक्की कांड में एक सहअभियुक्त रोहित भाटी को मिली जमानत,कंचन का पति और निक्की का जेठ है रोहित

बड़ी खबर।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निक्की कांड में एक सहअभियुक्त रोहित भाटी को मिली जमानत,कंचन का पति और निक्की का जेठ है रोहित

शफ़ी मौहम्मद सैफ़ी

ग्रेटर नोएडा ।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निक्की कांड से जुड़े एक अहम घटनाक्रम में सहअभियुक्त रोहित भाटी को जमानत प्रदान कर दी है। यह आदेश मुकदमा थाना कासना, जनपद गौतमबुद्ध नगर से संबंधित है। जमानत का आदेश माननीय न्यायमूर्ति कृष्ण पहल द्वारा पारित किया गया।
न्यायालय के समक्ष अभियुक्त पक्ष की ओर से दलील दी गई कि रोहित भाटी का नाम एफआईआर में सामान्य आरोपों के तहत दर्ज किया गया था, जबकि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों में उनकी घटनास्थल पर मौजूदगी सिद्ध नहीं होती। मृतका के पुत्र के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज तथा चिकित्सकीय बयानों का हवाला देते हुए कहा गया कि अभियुक्त की भूमिका संदिग्ध है।कोर्ट ने आदेश में उल्लेख किया कि मृतका के पुत्र ने अपने बयान में अभियुक्त का नाम नहीं लिया है, वहीं विवेचना के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जो अभियुक्त की प्रत्यक्ष संलिप्तता की पुष्टि नहीं करते। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए और मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना न्यायालय ने जमानत मंजूर की।हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत दिए जाने से ट्रायल प्रभावित नहीं होगा और निचली अदालत साक्ष्यों के आधार पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगी। अभियुक्त को साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने, गवाहों को प्रभावित न करने और प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में उपस्थित रहने जैसी शर्तों का पालन करना होगा।अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता अमित भाटी (बोडाकी) ने बताया कि हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद प्रकरण से जुड़े अन्य अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं भी शीघ्र दाखिल की जाएंगी। उनका कहना है कि मामले में विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्य अभियुक्तों के पक्ष में हैं और न्यायिक प्रक्रिया के तहत सच्चाई सामने आएगी।कानूनी दृष्टि से स्पष्ट है कि जमानत आदेश दोषमुक्ति नहीं है। अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर ही होगा।

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