यूजीसी बिल 2026 के विरोध में भारतीय किसान यूनियन महासभा का पैदल मार्च, स्वर्ण समाज के साथ धोखे का लगाया आरोप
यूजीसी बिल 2026 के विरोध में भारतीय किसान यूनियन महासभा का पैदल मार्च, स्वर्ण समाज के साथ धोखे का लगाया आरोप

ग्रेटर नोएडा ।भारतीय किसान यूनियन महासभा द्वारा यूजीसी बिल 2026 के खिलाफ एलजी गोलचक्कर से डीएम कार्यालय तक ज़ोरदार पैदल मार्च निकाला गया। यह मार्च संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। मार्च के बाद जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी बिल 2026 स्वर्ण समाज सहित पूरे देश के मेहनतकश, किसान और मध्यम वर्ग के साथ सीधा धोखा है। यह बिल शिक्षा व्यवस्था को केंद्रीकृत कर, योग्यता आधारित व्यवस्था को कमजोर करता है और सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने का काम करता है।भारतीय किसान यूनियन महासभा ने स्पष्ट कहा कि स्वर्ण समाज इस बिल के पूरी तरह विरोध में है और किसी भी कीमत पर इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा।संगठन के नेताओं ने बताया कि इस बिल के लागू होने से: विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त हो जाएगी मेरिट आधारित शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचेगा स्वर्ण समाज सहित सामान्य वर्ग के छात्रों के अवसर सीमित हो जाएंगे शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा, जिससे गरीब और किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और दूर हो जाएगी शिक्षकों की नियुक्ति और शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने बिना समाज के सभी वर्गों से संवाद किए बिना यह बिल लाने का प्रयास किया है, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यूजीसी बिल 2026 को तुरंत वापस लिया जाए। यदि सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया, तो स्वर्ण समाज के नेतृत्व में देश के अलग-अलग हिस्सों में ज़ोरदार आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अंत में संगठन ने चेतावनी दी कि यह लड़ाई केवल शिक्षा की नहीं, बल्कि भविष्य, अधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई है, जिसे हर हाल में लड़ा जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में करण ठाकुर – राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा), डॉ. लोकेंद्र – राष्ट्रीय प्रवक्ता, सादिक खान – प्रदेश उपाध्यक्ष, फैज़ुल भाटी – राष्ट्रीय सचिव, बिजेंद्र कसाना – राष्ट्रीय सचिव, मिथलेश सिंह – जिला अध्यक्ष (महिला),मुजाहिद – मीडिया प्रभारी,इंतजार सोलंकी, मोहित नागर, दीपक शर्मा (एडवोकेट) भी शामिल हुए



