फोर्टिस मानेसर में उंगलियों के प्रोस्थेटिक रीकंस्ट्रक्शन की अत्याधुनिक तकनीक की बदौलत एक युवा शेफ की किचन में हुई वापसी
फोर्टिस मानेसर में उंगलियों के प्रोस्थेटिक रीकंस्ट्रक्शन की अत्याधुनिक तकनीक की बदौलत एक युवा शेफ की किचन में हुई वापसी

ग्रेटर नोएडा ।फोर्टिस हॉस्पीटल, मानेसर ने 30-वर्षीय शेफ को दोबारा अपने प्रोफेशन में आत्मविश्वास के साथ वापसी करने का उपहार दिया है। इस शेफ की अपने वर्कप्लेस पर हुई दुर्घटना के बाद तर्जनी और मध्यमा उंगलियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बेकार हो गई थीं। डॉ राहुल जैन, कंसल्टेंट -प्लास्टिक सर्जरी के नेतृत्व में, सर्जिकल टीम ने एडवांस ओसियोइंटीग्रेशन-आधारित प्रोस्थेटिक रीकंस्ट्रक्शन को कुशलतापूर्वक अंजाम देकर मरीज को नए सिरे से आत्मविश्वास और कामकाज के लायक बनाकर दोबारा अपने वर्कप्लेस पर वापसी करने में समर्थ बनाया है।30-वर्षीय आकाश (नाम बदला हुआ) गुरुग्राम में एक लोकल होटल में काम करते थे और वहीं की किचन में हुए हादसे के चलते उनकी तर्जनी और मध्यमा उंगली को काटना पड़ा था। इस हादसे ने उनसे केवल उनकी उंगलियां ही नहीं छिनीं – बल्कि उनकी पहचान, आजीविका और आत्मविश्वास पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। दुर्घटना के बाद नज़दीकी नर्सिंग होम में उंगलियों के कटने के बाद, आकाश ने शारीरिक क्षति से भी अधिक नुकसान महसूस किया। उनकी इन उंगलियों की बोन क्वालिटी भी काफी प्रभावित हुई थी जिसके चलते रीकंस्ट्रक्शन के मानक/पारंपरिक विकल्पों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था। उनकी काम करने की क्षमता सीमित हो चुकी थी और नौकरी पर बहाली भी अनिश्चित थी।इस मामले की जटिलता को समझने के बाद, फोर्टिस मानेसर की मल्टी-डिसीप्लीनरी टीम ने, अब तक का सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण मामला अपने हाथों में लिया। पारंपरिक रीकंस्ट्रक्शन विकल्पों की अनुपयोगिता के चलते, टीम ने बेहद नवाचारी समाधान तलाशाः यह था ऑसियोइंटीग्रेशन इंप्लांट्स (जिसमें जीवित हड्डी और टाइटेनियम इंप्लांट की सतह के बीच सीधा संरचनात्मक और कार्यगत संबंध होता है) को कस्टम-फिट फंक्शनल प्रोस्थेसिस के साथ जोड़ा जाता है। इस उन्नत तकनीक ने हड्डी और प्रोस्थेटिक डिवाइस के बीच प्रत्यक्ष, स्थायी जुड़ाव कायम किया, जिससे पारंपरिक प्रोस्थेटिक्स की तुलना में कहीं अधिक नियंत्रण, मजबूती और उपयोगिता का लाभ मिला। आकाश के लिए तो यह बदलाव किसी वरदान से कम नहीं था।
इस प्रक्रिया और रीहेबिलिटेशन के बाद, आकाश एक बार फिर अपने हाथ से काम करने लायक हो गए हैं और आत्मनिर्भर हो गए हैं। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण परिणाम यह हुआ कि वह अपने किचन में लौटने लायक हुए हैं, और अपने उसी प्रोफेशन में वापसी की है जो उन्हें बेहद पसंद है। आकाश के लिए, यह केवल अपने हाथ को दोबारा काम के लायक बनाने का ही मामला नहीं था, बल्कि उनके आत्मसम्मान, जीवन में उद्देश्य और अपने एवं अपने परिवार के लिए उपयोगी बने रहने का सवाल भी था।
मामले की जानकारी देते हुए, डॉ राहुल जैन, कंसल्टेंट – प्लास्टिक सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा, “जब आकाश पहली बार हमारे अस्पताल में आए थे, तब वह अपनी तर्जरी और मध्यमा उंगलियों को खो चुके थे, लेकिन इसके अलावा वह अपने भविष्य की अनिश्चितता के बोझ तले भी दबे हुए थे। उनकी मध्यमा उंगली के आधार की बोन क्वालिटी भी बेहद कमजोर पड़ चुकी थी, जिसका मतलब है कि पारंपरिक रीकंस्ट्रक्शन करने का विकल्प नहीं था। तब हमारी टीम ने एक नवाचारी राह अपनायी और ऑसियोइंटीग्रेशन इंप्लांट्स लगाने का फैसला किया। इसके बाद कस्टमाइज़्ड फंक्शनल प्रोस्थेसिस लगाया गया ताकि उनकी हड्डी और डिवाइस के बीच स्थायी, टिकाऊ बंधन तैयार हो सके जो सही मायने में उनकी उंगलियों की ताकत और कार्य करने की क्षमता को लौटा सके।”
डॉ राहुल ने बताया, “आज, आकाश न सिर्फ अपनी दैनिक गतिविधियों के लिए अपने हाथों का इस्तेमाल करने लायक बन चुके हैं, बल्कि उन्होंने अपने कार्यस्थल पर भी वापसी कर ली है, और उस आत्मविश्वास तथा आत्मनिर्भरता को हासिल कर सके हैं जिसने उनकी जिंदगी को नया अर्थ दिया है। इस प्रकार के पल हमें बखूबी याद दिलाते हैं कि हम वह सब क्यों करते हैं जो हम करते हैं – यानि मरीजों को उनका खोया सम्मान, उनकी जिंदगी का मकसद और खुशियां मेडिसिन के माध्यम से लौटाना।”
अभिजीत सिंह, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा, “इस मामले ने एक बार फिर से रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण और संपूर्ण रिकवरी के प्रति फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर की प्रतिबद्धता दोहरायी है जिससे मरीज को न सिर्फ चिकित्सकीय लाभ होता है बल्कि वे अपनी लाइफ क्वालिटी और कॅरियर को वापस पाने में सक्षम गनते हैं।”
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के बारे में फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड भारत में अग्रणी एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता है। कंपनी के हेल्थकेयर वर्टिकल्स में मुख्यतः अस्पताल, डायग्नॉस्टिक्स तथा डे केयर सेवाएं शामिल हैं। वर्तमान में, कंपनी देशभर के 12 राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों में कुल 36 हेल्थकेयर सुविधाओं (जिनमें जेवी और ओ एंड एम शामिल हैं) का संचालन करती है। कंपनी के नेटवर्क में 6,000 से अधिक ऑपरेशनल बेड (ओ एंड एम समेत) तथा 400 डायग्नॉस्टिक्स लैब्स शामिल हैं।




