जीआईएमएस में 100 दिवसीय तपेदिक (टीबी) उन्मूलन अभियान, मरीजों एवं उनके परिजनों को जागरूक करने हेतु एक टीबी जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित
जीआईएमएस में 100 दिवसीय तपेदिक (टीबी) उन्मूलन अभियान, मरीजों एवं उनके परिजनों को जागरूक करने हेतु एक टीबी जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित

ग्रेटर नोएडा।गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (GIMS), ग्रेटर नोएडा के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग द्वारा टीबी एवं चेस्ट ओपीडी में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत 100 दिवसीय सघन तपेदिक (टीबी) उन्मूलन अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया।इस अभियान के अंतर्गत मरीजों एवं उनके परिजनों को जागरूक करने हेतु एक टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि उपाध्याय, विभागाध्यक्ष (पल्मोनरी मेडिसिन); डॉ. अक्षयता, मेडिकल ऑफिसर (NTEP); गौरव सक्सेना (डॉट्स सेंटर); डॉ. रॉबिन(SR); डॉ जानकी (SR),एवं पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की टीम द्वारा किया गया।कार्यक्रम में टीबी के सामान्य लक्षण जैसे लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना एवं रात में पसीना आना,NTEP के अंतर्गत निःशुल्क जांच एवं उपचार की उपलब्धता,दवा का पूरा कोर्स लेने का महत्व, जिससे दवा प्रतिरोधी टीबी (ड्रग रेसिस्टेंट टीबी ) को रोका जा सके,संक्रमण नियंत्रण के उपाय जैसे खांसी के शिष्टाचार (Cough Etiquette) एवं उचित वेंटिलेशन के बारे में जानकारी दी गई।टीबी के उपचार में पोषण के महत्व को ध्यान में रखते हुए, मरीजों को प्रोटीन पाउडर, जूस एवं अन्य पोषण सप्लीमेंट्स का वितरण भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को संतुलित आहार के महत्व के प्रति जागरूक करना एवं उनके शीघ्र स्वस्थ होने में सहयोग देना था।इसके अतिरिक्त, मरीजों की व्यक्तिगत काउंसलिंग भी की गई, जिससे टीबी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया जा सके और उपचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत किया जा सके। इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित हुआ। यह पहल जीआईएमएस की टीबी उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।“टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संदेश के साथ यह अभियान समाज में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है




