खास रिपोर्टगौतमबुद्धनगर

सभी जाति धर्मों के हमारे महापुरुष बहादुर पूर्वजों ने बलिदान व जान की बाजी लगाकर ब्रिटिश शासन की गुलामी से निजात दिलाई।शौकत अली चेची

🇮🇳15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस हम भारतवासी किस उद्देश्य से मनाते है
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ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 मध्य रात्रि मैं भारत देश को आजादी मिली नेताओं को सत्ता संभालने की पावर मिली आपसी फूट के कारण ब्रिटिश शासन की चालाकी से 14 अगस्त 1947 को समझौते के तौर पर पाकिस्तान देश बना सभी जाति धर्मों के हमारे महापुरुष बहादुर पूर्वजों ने बलिदान व जान की बाजी लगाकर ब्रिटिश शासन की गुलामी से निजात दिलाई

देश को आजाद कराया 14-15 अगस्त को भारत की आजादी की घोषणा की गई थी भारत की आजादी के जश्न के समय महात्मा गांधी जी शामिल नहीं थे उस समय महात्मा गांधी जी बंगाल के नोआखली में गैरमुस्लिमों व मुस्लिमों के बीच हो रही संप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे 15 अगस्त 1947 मध्य रात्रि दिन शुक्रवार में भारत को पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने स्वतंत्र देश घोषित किया उन्होंने भाग्य के साथ प्रयास भाषण दिया तब से देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूल कॉलेजों में हर्ष उल्लास तथा सूर वीरों के बलिदान को याद किया जाता है भारत के राष्ट्रपति 1 दिन पहले शाम को राष्ट्र को संबोधित भाषण देते हैं 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर भारतीय ध्वज फहराते हैं राष्ट्रीय गीत गाया जाता है प्रतिवर्ष एक राजपत्रित छुट्टी आयोजित की जाती है परिवहन तथा कुछ मुख्य संस्थाएं सुचारू रूप से चलती है वीर शहीदों को सम्मानित के लिए 20 तोपों की सलामी दी जाती है खासकर स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने व देश की आजादी में जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी सूर वीरों के बलिदान को याद कर उनके सम्मान में मनाया जाता है 15 अगस्त 2020 को भारत 74 वा स्वतंत्रता दिवस मनाएगा

देश की आजादी में बलिदान योगदान देने में सभी जाति धर्मों के हमारे पूर्वजों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया अहम भूमिका निभाई लेकिन सबसे ज्यादा बलिदान योगदान मुस्लिम कम्युनिटी को जाता है खासकर धर्मगुरुओं ने मुख्य रोल अदा किया हम भारतवासी उन्हें भूले बैठे हैं

जानने की कोशिश करते हैं
1498 से 1947 तक मुस्लिमों की देश के प्रति बलिदान क्रांतिकारी लाखों पूर्वजों ने अपनी जान न्योछावर कर दी इतिहास के पन्नों में दर्ज है कुछ चंद नाम प्रस्तुत है 1772 में शाह अब्दुल अजीज रह0 का ब्रिटिश सरकार के खिलाफ फतवा द्वारा क्रांति शुरू की जिस की चिंगारी यूपी के जिले मेरठ 1857 मैं मंगल पांडे द्वारा भारत के कोने कोने को जगा दिया मुस्लिमों मैं सरूर पैदा हो गया हैदर अली उसके बाद उनके बेटे टीपू सुल्तान की बहादुरी ने अंग्रेजों के कई बार घुटने टेक दिए शेर ए मैसूर कहलाए अंग्रेजों से लड़ते लड़ते शहीद हो गए वैज्ञानिक मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम न उन्हें विश्व का सबसे पहला रॉकेट आविष्कारक बताया था बहादुर शाह जफर 1775 से 18 62 भारत में मुगल साम्राज्य के आखिरी शहंशाह थे उर्दू के शायर थे 18 57 का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम व भारतीय सिपाहियों का नेतृत्व किया जंग में हार हुई अंग्रेजों ने वर्मा भेज दिया उनकी वहीं पर मृत्यु- ग़दर का अर्थ विद्रोह है- 10 वर्ष के बाद गदर पार्टी के संस्थापक सदस्य भोपाल के बरकतुल्लाह ने ब्रिटिश विरोधी नेटवर्क बनाया 1915 में असफल गदर के चलते फांसी की सजा दी फैजाबाद यूपी विद्रोह का हिस्सा थे अली अहमद सिद्दीकी जौनपुर के सैयद मुज्तबा हुसैन 1917 में फांसी दी गई =लाल कुर्ती आंदोलन खान अब्दुल गफ्फार खान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समर्थन में खुदाई खिदमतगार के नाम से चलाया अलीगढ़ आंदोलन सर सैयद अहमद खान ने मुस्लिम आंदोलन का नेतृत्व किया कट्टर राष्ट्रवादी कहलाए हिंदू मुस्लिम एकता के विचारों का समर्थन किया 18 84 पंजाब भ्रमण के अवसर पर एकता एक प्राण मिलजुल कर कार्य करना राष्ट्र के प्रति विचारधारा सभी की एक होनी चाहिए =क्रांतिकारियों के नाम =नजीर अहमद- चिराग अली -अल्ताफ हुसैन- मौलाना शिब्ली नोमानी- मुस्लिम महिलाएं -बेगम हजरत महल -असगरी बेगम- बाई अम्मा -=आदि =नवाब सिराजुद्दौला -शेर ए मैसूर टीपू सुल्तान- शाह वली उल्लाह मुंहदिस देहलवी- शाह अब्दुल अजीज -सैयद अहमद शहीद- मौलाना विलायत अली सद्दीकपुरी -जाकिर सिराजुद्दीन- मोहम्मद बहादुर शाह- जफर असलाना फजले हक खैराबादी- शहजादा फिरोज शाह- मौलवी मोहम्मद बाकिर शहीद- मौलाना अहमद उल्लाह शाह- नवाब खान- बहादुर खान अजीज बाई -मौलवी लियाकत अली अल्लाहाबाद- हाजी इमदादुल्लाह- मुहाजिर मकई -मौलाना मोहम्मद कासिम ननोतवी- मौलाना रहमतुल्लाह केरानवी शेख उल हिंद- मौलाना महमूद हसन -मौलाना अब्दुल्लाह सिंधी- मौलाना रशीद अहमद गंगोही -मौलाना अनवर शाह कश्मीरी- मौलाना बरकतउल्लाह भोपाली -मौलाना किफायतुल्लाह सुभानउल हिंद- मौलाना अहमद सईद देहलवी- मौलाना हुसैन अहमद मदनी- शहीदुल अहरार- मौलाना मोहम्मद अली जौहर- मौलाना हसरत मोहनी- मौलाना आरिफ हिसवी- मौलाना अबुल कलाम आजाद- मौलाना हबीबुर्रहमान लुधियानवी- सैफुद्दीन कचालू- मसीहुल मुल्क- हकीम अजमल खान- मौलाना मजहरूल हक- मौलाना जफर अली खान -अल्लामा इनायतुल्लाह खान मशरीकी- डॉ मुख्तार अहमद अंसारी- जनरल शाहनवाज खान- मौलाना सैयद मोहम्मद म्यान- मौलाना मोहम्मद हिफजुरहमान जोहारवी- मौलाना अब्दुलबरी फिरंगी महली- खान अब्दुल गफ्फार खान -मुफ्ती अतीक उर रहमान उस्मानी- डॉ सैयद महमूद खान- अब्दुस समद खान- अचक जाई रफी- अहमद किदवई- युसूफ मेहर अली- अशफाक उल्ला खान- बैरिस्टर आसिफ अली -मौलाना अताउल्लाह शाह बुखारी -अब्दुल कयूम अंसारी -अहमदुल्लाह शाह- दिल्ली इंडिया गेट पर शहीद क्रांतिकारियों के 13220 नाम बताए जाते हैं इनमें मुस्लिम नाम की संख्या काफी बताई गई है

18 57 मेरठ की क्रांति मंगल पांडे द्वारा जिसमें अहमदुल्लाह शाह फैजाबाद के मौलाना के रूप में प्रसिद्ध ब्रिटिश विद्रोह के प्रमुख व्यक्ति थे उन्हें विद्रोह लाइट हाउस के रूप में जाना जाता था उनके साथी =बखत खान -युसूफ मेहर अली -फजले हक खैराबादी- अब्दुल हाफिज -मोहम्मद हसरत मोहानी – मोहम्मद अली-

मौलाना अहमदुल्लाह शाह एक महान क्रांतिकारी जो साजिश का शिकार हुए उन्हें राज या सत्ता से कोई मतलब नहीं सत्ता में पद मिलने पर उसे ठुकरा दिया मुट्ठी भर सिपाहियों के साथ गोरों से लोहा लिया सारी उमर लड़े कभी पकड़ में नहीं आए दोस्त की गद्दारी ने मौत दी हज किया कई देशों का भ्रमण किया पोर्वाई के राजा जगन्नाथ सिंह मौलाना के खास थे सरकार ने 50,000 चांदी के सिक्के का इनाम रखा सिक्के के लालच में तोप से फायर किया निहत्थे मौलाना पर सर काट कर अंग्रेजों को पेश किया मौलाना का सर अगले दिन कोतवाली में टांग दिया
1965 की जंग भारत-पाकिस्तान के बीच हुई वीर अब्दुल हमीद ने पाकिस्तान के 8 टैंकों को निशाना बनाया और वीरगति को प्राप्त हो गए हवलदार वीर अब्दुल हमीद को मरणोपरांत परमवीर चक्र से नवाजा गया

मुस्लिमों का देश के प्रति योगदान

सर सैयद अहमद खान ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनवाई नबी के पीर बनकर श्री गोविंद सिंह महाराज की जान बचाई श्री गुरु नानक देव जी के आजीवनसाथी भाई मरदाना रहे राष्ट्रपति जाकिर हुसैन -फखरुद्दीन अली अहमद -वैज्ञानिक व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद- उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी- मालरेकोटला के नवाब का कर्जदार है जिसमें छोटे साहिब जाधव को बचाने की आवाज उठाई 1980 में ए आर अतुले को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया 1980 में पहली मुस्लिम महिला सईदा अजनारा तैमूर को असम का मुख्यमंत्री पद सौंपा 1952 में मोहम्मद यूनुस बिहार के मुख्यमंत्री रहे 1973 मैं अब्दुल गफूर बिहार के मुख्यमंत्री रहे केरल में मोहम्मद कोया मुख्यमंत्री रहे मणिपुर में मोहम्मद अलीमुद्दीन मुख्यमंत्री रहे जम्मू कश्मीर में तो लगातार मुख्यमंत्री रहते आ रहे हैं शेख अब्दुल्ला बक्शी- गुलाम मोहम्मद- मोहम्मद सादिक सैयद मीर कासिम- ख्वाजा शमसुद्दीन- गुलाम नबी आजाद- महबूबा मुफ्ती- मुफ्ती मोहम्मद सईद- फारूक अब्दुल्ला- उमर अब्दुल्ला -राजस्थान 1971 में बरकतुल्लाह खान मुख्यमंत्री रहे सलमान खुर्शीद केंद्र में मंत्री रहे आजम खान यूपी में कैबिनेट मंत्री रहे डॉ कफील ने अपना नाम कमाया लाल किला -जामा मस्जिद -बुलंद दरवाजा- तुग़लकाबाद किला- हजरत निजामुद्दीन मरकज- मोहंदीन चिश्ती की दरगाह- क़ुतुब मीनार -भूल भुलैया- जामा मस्जिद -अजमेर शरीफ- कलियर शरीफ- ताजमहल- ओखला यूनिवर्सिटी -देश में और कई यूनिवर्सिटी है तथा कई रिंग रोड हाईवे मुस्लिमों की देन है रोजगार तथा लोकप्रिया के तौर पर वर्ल्ड में जाना जाता है

खेल जगत

पटौदी के नवाब इफ्तार अली- पुत्र मनसूर अली पटौदी कप्तान- मोहम्मद अजहरूद्दीन- मोहम्मद निसार- जहांगीर खान- सय्यद आबिद अली- सलीम दुरानी- फारुख इंजीनियर- साहिल गुलाम मोहम्मद पटेल- बेस्ट विकेटकीपर किरमानी -हजरत अयूब- अब्बास अली- बैग गुलाम -जहीर खान- इरफान पटेल -मोहम्मद शमी- जफर इकबाल- मोहम्मद शाहिद -सैयद अली -सानिया मिर्जा-

संगीत जगत

शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान- अल्लाह रक्खा खां -तबला वादक जाकिर हुसैन- मोहम्मद रफी- नौशाद ए आर रहमान -ख्यामा खां- शकील बदायूंवी- हसरत जयपुरी- अली सरदार जाफरी- कैफ़ी आज़मी -जय हिंद और इंकलाब जिंदाबाद के नारों को बुलंद किया (हसरत मुद्दामी )ने- जोश मलीहाबादी- खुमार बाराबंकवि- जिगर मुरादाबादी- साहिर लुधियानवी- निदा फजली- जुबेर रिजवी- बशीर बदर- डॉ राहत इंदौरी -सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा हम बुलबुले हैं इसके यह गुलिस्तां हमारा रचिता (इकबाल)

फिल्मी जगत
शाहरुख खान -आमिर खान -सलमान खान -दिलीप कुमार युसूफ खान बने रहे- नरगिस- मधुबाला -निर्मि सुरैया- मीना कुमारी -वहीदा रहमान -शबाना आजमी- जावेद अख्तर -फरहा- सलीम जावेद- गार्नियर जी-

धन राशि दान करने का योगदान

अजीम प्रेमजी कोराना भयंकर बीमारी मैं लगभग 1125 करोड़ रुपए का योगदान इससे पहले 52750 करोड़ रुपए दान किया इससे अलग उन्होंने बहुत सारा धन दान किया है भारत चीन युद्ध 1965 के समय पीएम लाल बहादुर शास्त्री को हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली ने 5 टन सोना दिया था जिसकी कीमत आज के समय में 1600 करोड़ रुपए से अधिक है सलमान खान आमिर खान शाहरुख खान आदि मुस्लिमों ने देश सेवा में धन राशि दान की है

अंत में बस यही कहूंगा हम बने सहयोगी एक दूसरे के मिलकर बांटे प्यार होगी तरक्की देश जनता की वर्ल्ड मै खुद होगा भारत का प्रचार अनेक तरह के फूलों जैसी खुशबू से महके सारा संसार

सभी देशवासियों को हृदय की गहराइयों से 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं शूरवीर क्रांतिकारी अमर रहे सच्चाई व एकता जिंदाबाद हम सबका भारत जिंदाबाद

भारतीय किसान यूनियन( बलराजl) प्रदेश अध्यक्ष (चौधरी शौकत अली चेची)

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