आईईए मुख्यालय में नए श्रम संहिता (लेबर कोड ) पर एक महत्वपूर्ण बैठक का हुआ आयोजन
आईईए मुख्यालय में नए श्रम संहिता (लेबर कोड ) पर एक महत्वपूर्ण बैठक का हुआ आयोजन

ग्रेटर नोएडा ।आईईए मुख्यालय में नए श्रम संहिता (लेबर कोड ) पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राकेश द्विवेदी (डीएलसी ) एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में बृजेश सिंह Singh (डीडीएफ ) तथा एलईओ महेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने की। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि देश में श्रम कानूनों के परिवर्तन के इस दौर में उद्योगों के लिए सभी वैधानिक अनुपालनों (कंप्लायंस ) को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताएँ उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और श्रमिकों के अधिकारों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। अपने संबोधन में डीएलसी ने नई श्रम संहिता के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी और बताया कि यह व्यवस्था श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों के हितों को संतुलित करती है। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से अपील की कि वे सभी आवश्यक पंजीकरण, रजिस्टर संधारण एवं समय पर रिटर्न दाखिल करने जैसी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करें।उपनिदेशक बृजेश सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रम विभाग उद्योगों के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहा है ताकि नई व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से लागू किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। कार्यक्रम का सफल संचालन नरेंद्र सोम द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया। इस अवसर पर उधमियों ने विभाग के साथ होने वाली अपनी समस्याओं को साझा किया तथा नियमो के क्रियान्वयन को आसान बनाने के सुझाव भी दिए।अंत में संस्था के उपाध्यक्ष हरबीर सिंह ने सभी अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उद्योग और श्रमिक दोनों को लाभ होगा। कार्यक्रम में संस्थापक अध्यक्ष पी के तिवारी, पूर्व अध्यक्ष मनोज सिंघल, पी एस मुखर्जी, सुशील शर्मा, प्रमोद झा,अभिषेक जैन, एच एन शुक्ला,दिनेश चौहान,विवेक चौहान, महिपाल सिंह, एम पी शुक्ला, पवन गर्ग, महेंद्र शुक्ला, डॉ राजीव वर्मा, शक्तिवेश सिंह, अनिल शुक्ला, मृत्युंजय सिंह,राजेश त्रिपाठी, वीरेंदर राजपूत, लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा,एस पी सिंह,आशीष कुमार,जे एम एस रावत,एम एम शर्मा, हीरा सिंह बिष्ठ, गौरव गुप्ता, आनंद चौहान, सुनीत मेहरा, तुषार गर्ग, विपुल गर्ग सहित लगभग 100 उधमी उपस्थित रहे।




