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श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में वन वीक ऑफ-लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन सारगर्भित व्याख्यान किया प्रस्तुत

श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में वन वीक ऑफ-लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन सारगर्भित व्याख्यान किया प्रस्तुत

ग्रेटर नोएडा ।श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर, गौतमबुद्धनगर में रजनीकांत अग्रवाल (सचिव) एवं डॉ0 गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य) के कुशल दिशा-निर्देशन में वन वीक ऑफ-लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन आई.क्यू.ए.सी. समिति के तत्वावधान में किया गया, जिसकी संयोजक डॉ0 रश्मि गुप्ता (उप-प्राचार्या एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक) रहीं। उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो0 सीमा कोहली, रसायन विभाग, एम.एम.एच. कॉलिज, गाजियाबाद (उ0प्र0) ने “आयुर्वेद एंड इंडियन नॉलेज सिस्टम : ए एप्रोच टू लाइफ ” विषय पर विस्तृत एवं सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, आयुर्वेद की वैज्ञानिकता, जीवन की समग्र दृष्टि, शारीरिक-मानसिक संतुलन तथा आधुनिक जीवन में आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर कोहली ने उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि भारतीय ज्ञान प्रणाली केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र शैली है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास को संतुलित करती है। उनके व्याख्यान से प्रतिभागी फैकल्टी सदस्य अत्यंत लाभान्वित हुए। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ0 रश्मि गुप्ता (उप-प्राचार्या एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक) तथा कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अमित नागर द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में अजय गर्ग (प्रधानाचार्य, रतन इंटरनेंशनल स्कूल, बुलन्दशहर), डॉ0 अजय प्रताप सिंह (मंगलमय कॉलेज, ग्रेटर नोएडा), श्वेता सिंह, डॉ0 सुभाष राय, डॉ0 रविशंकर यादव, मुकेश यादव (ग्लोबल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा,) डॉ0 दयानिधि तिवारी (कॉलेज ऑफ ऐजूकेशन), डॉ0 सुजीत पायल, फिरोज अहमद (पी-एच.डी. स्कॉलर) आदि ने भी प्रतिभागिता की।फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों के शैक्षणिक उन्नयन, शोध क्षमता विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रभावी एवं सार्थक पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम के सुचारु एवं सफल आयोजन हेतु विभिन्न समितियों का गठन क्रमशः किया गया। सजावट समिति, बुके, शॉल एवं दीप प्रज्ज्वलन समिति, पंजीकरण समिति, फीड बैक समिति, प्रमाण-पत्र लेखन समिति, वीड़ियों और फोटो समिति, प्रेस विज्ञप्ति समिति, नाश्ता समिति, हॉल व्यवस्था समिति, टेक्निकल समिति, सोशल मीडिया समिति, मंच संचालन समिति जिनमें सभी ने क्रमशः अपना-अपना अपना-अपना सहयोग प्रदान किया। डॉ0 देवानन्द सिंह, अमित नागर, शशी नागर, डॉ0 प्रीति रानी सेन, डॉ0 कोकिल, डॉ0 शिखा रानी, डॉ0 निशा शर्मा, डॉ0 संगीता, डॉ0 नाज़ परवीन, डॉ0 प्रशान्त कन्नौजिया, डॉ0 अज़मत आरा, इन्द्रजीत सिंह डॉ0 सूर्य प्रताप राघव, डॉ0 राजीव उर्फ पिन्टू, कु0 नगमा सलमानी, प्रीति शर्मा, डॉ0 रेशा, महीपाल सिंह, कु0 चारू, डॉ0 नीतू सिंह, सुनीता शर्मा, हनी शर्मा, अखिल कुमार, कु0 रूचि शर्मा, प्रिंस त्यागी, अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, मुकुल कुमार शर्मा, रामकिशन सिंह, विनीत कुमार, अंकित कुमार, राकेश कुमार, रनवीर सिंह, बिल्लू सिंह, मीनू सिंह, ज्ञानप्रकाश कश्यप, मोती कुमार, धनेश कुमार, कमलेश, जगदीश सिंह, मनोज कुमार आदि एवं छात्र/छात्राओं ने भी अपना योगदान प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अनुशासनपूर्ण रहा।

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