नोएडा में हाईटेक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 5 साइबर ठग गिरफ्तार, 80 लाख रुपये फ्रीज
नोएडा में हाईटेक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 5 साइबर ठग गिरफ्तार, 80 लाख रुपये फ्रीज

नोएडा। साइबर अपराधियों के खिलाफ नोएडा पुलिस के अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना फेस-1 पुलिस ने सेक्टर-6 में संचालित एक हाईटेक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा करीब 80 लाख रुपये की रकम को फ्रीज कराने के साथ ही भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ठगी से जुड़ा डेटा भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, डी-16, सेक्टर-6 में संचालित इस फर्जी कॉल सेंटर से अनुज, राकेश कुमार, मनीष मंडल, शुभम सक्सेना और शहजाद अहमद देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। आरोपियों का मास्टरमाइंड अनुज बताया गया है। एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि ये अपराधी खुद को इंश्योरेंस एजेंट बताकर लोगों को कॉल करते थे और बीमा पॉलिसी, रियल एस्टेट निवेश तथा लोन दिलाने के नाम पर ठगी करते थे।जांच में सामने आया है कि ठगों का मुख्य निशाना वे लोग होते थे जिनकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी थी। उन्हें कम समय में पॉलिसी मेच्योर कराने और मोटी रकम वापस दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके अलावा आसान लोन और रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर भी लोगों से 5 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक ऐंठे जाते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 45 कॉल डाटा शीट बरामद की हैं, जिनमें हजारों लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज थे। इसके साथ ही 16 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक प्रिंटर मशीन भी जब्त की गई है। इन उपकरणों के जरिए कॉलिंग, फर्जी दस्तावेज और ठगी का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं। ठगी से प्राप्त रकम को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर बाद में आपस में बांट लिया जाता था।पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। साइबर ठगी के इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बीमा पॉलिसी, निवेश या लोन के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल्स से सावधान रहें और किसी भी प्रकार की जानकारी या धनराशि साझा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।



