चोरी की बिजली से चल रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन का भंडाफोड़,चोरी की बिजली से एक साथ 27 ई-रिक्शा चार्ज होते मिले, 56 लाख का जुर्माना
चोरी की बिजली से चल रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन का भंडाफोड़,चोरी की बिजली से एक साथ 27 ई-रिक्शा चार्ज होते मिले, 56 लाख का जुर्माना

ग्रेटर नोएडा।नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड ने एक बार फिर चोरी की बिजली से चल रहे अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन का पर्दाफाश किया है। बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एनपीसीएल की टीम ने हल्दौनी गांव में चोरी की बिजली से अवैध तरीके से चल रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पकड़ा। एनपीसीएल की विजिलेंस टीम जब जांच के लिए परिसर में पहुंची तो पाया कि वहां चोरी की बिजली से एक साथ 27 ई-रिक्शा चार्ज हो रहे थे। जांच के दौरान ये भी पता चला कि इस परिसर में चोरी की बिजली से एक साथ 60 ई-रिक्शा चार्ज करने की व्यवस्था थी। जिस परिसर में चोरी की बिजली से ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन का संचालन हो रहा था वो महिला के नाम पर है।जांच के दौरान पता चला कि बिजली की चोरी के लिए दो अलग-अलग केबल अवैध तरीके से एलटी पोल टॉप बॉक्स से जोड़े गए थे। एनपीसीएल ने जांच के दौरान परिसर में 47 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी। एनपीसीएल की टीम ने नजमा पर 56 लाख का जुर्माना लगाया है, और उसके खिलाफ गौतमबुद्धनगर के एंटी पावर थेप्ट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है।चोरी की बिजली से अवैध तरीके से संचालित हो रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन से न सिर्फ एनपीसीएल को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि इससे लोगों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता है। पिछले साल दिल्ली के दिलशाद गार्डन और शाहदरा इलाके में अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों में आग लगने की घटना सामने आई थी।एनपीसीएल प्रबंधन अपने लाइसेंस क्षेत्र में सभी इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों और चालकों से अपील करता है कि वो अपने वाहन और जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रख केवल वैध तरीके से संचालित हो रहे चार्जिंग स्टेशनों पर ही अपने इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज कराएं। अगर ग्रेटर नोएडा में कहीं भी चोरी की बिजली से अवैध तरीके से ई-रिक्शा चार्जिंस स्टेशन का संचालन हो रहा है, तो इसकी तत्काल सूचना एनपीसीएल के नजदीकी कार्यालय में दें, जिससे बिजली चोरी के साथ-साथ जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित किया जा सके।



