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ऐतिहासिक उपलब्धि: गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (GIMS) का चयन BIRAC BIONEST केंद्र हेतु देश के शीर्ष 14 संस्थानों में । उत्तर प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज | देश के चुनिंदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शामिल

ऐतिहासिक उपलब्धि: गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (GIMS) का चयन BIRAC BIONEST केंद्र हेतु देश के शीर्ष 14 संस्थानों में

 

उत्तर प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज | देश के चुनिंदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शामिल

लखनऊ / ग्रेटर नोएडा | भारत में स्वास्थ्य नवाचार के भविष्य को नया आयाम देने वाले एक ऐतिहासिक निर्णय में, बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) — जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT), भारत सरकार के अंतर्गत — ने गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (GIMS) को BIRAC BIONEST इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने हेतु देश के शीर्ष 14 संस्थानों में चयनित किया है। यह चयन पिछले वर्ष प्रारंभ हुई तीन-स्तरीय कठोर राष्ट्रीय स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद किया गया, जिसमें देशभर के 100 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थानों का मूल्यांकन किया गया। इनमें से केवल 14 संस्थानों का चयन हुआ — जिससे GIMS को राष्ट्रीय स्तर की विशिष्ट नवाचार संस्थाओं की श्रेणी में स्थान मिला।

यह उपलब्धि ऐतिहासिक है:

• GIMS उत्तर प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज बना जिसे BIRAC BIONEST केंद्र प्राप्त हुआ

• देश के गिने-चुने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में GIMS का चयन इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ

अस्पताल-आधारित नवाचार को राष्ट्रीय मान्यता

इस उपलब्धि को सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार में एक निर्णायक क्षण बताते हुए, ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, GIMS, ने कहा:

“यह चयन GIMS में विकसित किए गए सशक्त और विश्वसनीय इनक्यूबेशन इकोसिस्टम की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। यह हमारे डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और नैदानिक क्षमताओं की असाधारण मजबूती को दर्शाता है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में संरचित नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण के रूप में इतिहास में दर्ज होगी।”

उन्होंने कहा कि यह मान्यता GIMS की उस दृष्टि को प्रमाणित करती है, जिसके अंतर्गत सरकारी अस्पतालों को केवल सेवा-प्रदान केंद्र नहीं बल्कि नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

“जिस क्षण का हम इंतज़ार कर रहे थे” — नेतृत्व की भूमिका

डॉ. राहुल सिंह, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, BIRAC BIONEST एवं सीईओ, सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI), GIMS, ने इसे परिवर्तनकारी उपलब्धि बताया:

“यह वही क्षण है जिसका हम वास्तव में इंतज़ार कर रहे थे। BIRAC BIONEST केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग के अवसर खोलेगा, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों के विकास को गति देगा और अस्पताल-आधारित स्टार्टअप्स को सशक्त बनाएगा। उत्तर प्रदेश के पहले मेडिकल कॉलेज के रूप में यह उपलब्धि GIMS के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।”

उन्होंने यह भी बताया कि GIMS पहले से ही एक सशक्त नवाचार आधार पर कार्य कर रहा है, जिसमें शामिल हैं:

• Stanford Biodesign से प्रेरित नवाचार इकोसिस्टम

• StartInUP (उत्तर प्रदेश सरकार) के अंतर्गत मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन सेंटर

• उत्तर प्रदेश सरकार समर्थित सेक्शन-8 कंपनी, जो GIMS में नवाचार गतिविधियों का संचालन करती है

अब BIRAC BIONEST की राष्ट्रीय फंडिंग के साथ, GIMS देश के अग्रणी अस्पताल-आधारित नवाचार संस्थानों की श्रेणी में प्रवेश कर चुका है।

BIRAC BIONEST क्या है?

BIONEST (Bio-Incubator Nurturing Entrepreneurship for Scaling Technologies), BIRAC (DBT, भारत सरकार) की एक प्रमुख इनक्यूबेशन पहल है, जिसका उद्देश्य अनुसंधान-आधारित उद्यमिता, बायोटेक एवं मेडटेक नवाचार तथा लैब-टू-मार्केट समाधान को बढ़ावा देना है।

GIMS में स्थापित BIONEST केंद्र:

• क्लिनिशियन-नेतृत्व वाले बायोटेक एवं मेडटेक स्टार्टअप्स को समर्थन देगा

• अस्पताल-आधारित शोध को व्यवहारिक समाधानों में परिवर्तित करेगा

• राष्ट्रीय फंडिंग, मेंटरशिप एवं रेगुलेटरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा

• वास्तविक क्लिनिकल एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर केंद्रित रहेगा

दृष्टिकोण में बदलाव: अस्पताल बने नवाचार के इंजन

GIMS में BIRAC BIONEST केंद्र की स्थापना भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था में एक मौलिक परिवर्तन का प्रतीक है, जहाँ एक सरकारी मेडिकल कॉलेज को औपचारिक रूप से नवाचार और उद्यमिता केंद्र के रूप में संस्थागत किया गया है।

यह पहल:

• डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को इनोवेटर बनने का मंच देगी

• अस्पताल-स्तरीय समस्याओं को स्केलेबल तकनीकों में बदलेगी

• भारत की स्वास्थ्य आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करेगी

• उत्तर प्रदेश को अस्पताल-आधारित नवाचार में राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करेगी

उत्तर प्रदेश में इतिहास रचता GIMS

यह उपलब्धि केवल एक संस्थागत सफलता नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है — जो यह दर्शाता है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज भी भारत के नवाचार भविष्य का नेतृत्व कर सकते हैं। GIMS अब सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार के भविष्य का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है।

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