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शारदा विश्वविद्यालय एवं जैन डेंटल एंड सर्जिकल ने फॉरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी में स्नातक अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु एमओयू पर किए हस्ताक्षर 

शारदा विश्वविद्यालय एवं जैन डेंटल एंड सर्जिकल ने फॉरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी में स्नातक अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु एमओयू पर किए हस्ताक्षर 

ग्रेटर नोएडा ।शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज़ (एसडीएस ) ने दंत विज्ञान में स्नातक स्तर पर अनुसंधान को प्रोत्साहित एवं सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जैन डेंटल एंड सर्जिकल, गाजियाबाद के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू ) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग के अंतर्गत सीडीएस में स्नातक विद्यार्थियों के अनुसंधान प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने हेतु ₹1 मिलियन का अनुसंधान अनुदान स्थापित किया गया है।इस अवसर पर जैन डेंटल एंड सर्जिकल, गाजियाबाद के निदेशक मोहित जैन द्वारा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज़ की अनुसंधान समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक भार्गव को औपचारिक रूप से चेक सौंपा गया। यह कार्यक्रम एसडीएस अनुसंधान समिति के सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।इसके अतिरिक्त, चयनित स्नातक विद्यार्थियों को उनके स्वीकृत अनुसंधान प्रोजेक्ट्स हेतु लेटर ऑफ ग्रांट प्रदान किए गए। ये अनुसंधान गतिविधियाँ फॉरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी के विशिष्ट क्षेत्र में डॉ. पारुल खरे के मार्गदर्शन में संचालित की जाएंगी।इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. भार्गव ने स्नातक विद्यार्थियों में अनुसंधान संस्कृति को प्रोत्साहित करने के महत्व पर बल दिया, जबकि डॉ. खरे ने आधुनिक दंत चिकित्सा पद्धति में फॉरेंसिक विज्ञान की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। यह उपलब्धि कुलाधिपति पी.के. गुप्ता, प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता, कुलपति सिबराम खारा, निदेशक डॉ. अजीत कुमार तथा एसडीएस के डीन डॉ. हेमंत साहनी के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाती है, जो दंत शिक्षा एवं अनुसंधान में नवाचार और उत्कृष्टता को निरंतर बढ़ावा दे रहे हैं।प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता ने कहा,

“शारदा विश्वविद्यालय और जैन डेंटल एंड सर्जिकल के बीच यह सहयोग स्नातक विद्यार्थियों के बीच एक सशक्त अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। फॉरेंसिक ओडॉन्टोलॉजी के क्षेत्र में संरचित अनुसंधान अनुदानों की शुरुआत न केवल शैक्षणिक कठोरता को बढ़ाती है, बल्कि हमारे विद्यार्थियों को विकसित होती पेशेवर एवं सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप भी तैयार करती है। यह पहल शिक्षा, अनुसंधान और वास्तविक-वर्ल्ड अनुप्रयोग को एकीकृत करने की हमारी दृष्टि को प्रतिबिंबित करती है, जिससे सक्षम और सामाजिक रूप से उत्तरदायी दंत चिकित्सक तैयार हो सकें।”

इस एमओयू के साथ, शारदा विश्वविद्यालय स्नातक शिक्षा में अत्याधुनिक अनुसंधान अवसरों को एकीकृत कर भविष्य के लिए तैयार दंत पेशेवरों के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करता है। इस पहल के माध्यम से एसडीएस के स्नातक दंत छात्र इस विशिष्ट अनुशासन में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिससे उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षितिज का विस्तार होगा।

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