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फेलिक्स अस्पताल ने सड़क सुरक्षा अभियान के जरिए लोगों को दी सुरक्षित ड्राइविंग की सीख । सेक्टर 93 ट्रैफिक सिग्नल पर चला जागरूकता ड्राइव, कोहरे के मौसम में बरती जाने वाली सावधानियों पर दिया जोर

फेलिक्स अस्पताल ने सड़क सुरक्षा अभियान के जरिए लोगों को दी सुरक्षित ड्राइविंग की सीख

सेक्टर 93 ट्रैफिक सिग्नल पर चला जागरूकता ड्राइव, कोहरे के मौसम में बरती जाने वाली सावधानियों पर दिया जोर

कर्मचारी नीलक्शी की याद में आयोजित इस पहल ने राहगीरों को भी किया भावुक 

नोएडा। सर्दियों के आगमन के साथ सड़क हादसों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। धुंध, कम दृश्यता और ओवरस्पीडिंग अकसर कई परिवारों की जिंदगी छीन लेते हैं। इन्हीं खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने के यातायात जागरूकता माह मनाया जाता है। फेलिक्स हॉस्पिटल की ओर से जागरूकता के उद्देश्य से शनिवार को सेक्टर-93 ट्रैफिक सिग्नल पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस अभियान में शकील अहमद ( ACP ट्रैफिक पुलिस ), बलराम सिंह (ट्रैफिक इंस्पेक्टर), राजवीर खरी (ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर ), कपिल धामा (रोड सेफ्टी सेल ) और ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों के साथ इस जागरूकता कार्यक्रम में अस्पताल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने वॉलंटियर के रूप में हिस्सा लिया और राहगीरों व वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया। यातायात नियम का पालन करने वाले चालकों को गुलाब का फूल देकर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान अस्पताल की कर्मचारी को नीलक्शी को याद किया गया। फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डी.के. गुप्ता ने बताया कि अभियान की थीम अभी कॉल करें, एक जीवन बचाएं और हर जिंदगी सुरक्षित घर पहुंचे पर आधारित रही। वॉलंटियर्स ने बैनर लगाकर सड़क पर रुकने वाले वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग से होने वाले खतरे, मोबाइल उपयोग से होने वाली चूकें, अचानक ब्रेक लगाने के दुष्परिणाम, सीट बेल्ट और हेलमेट के अनिवार्य उपयोग जैसी महत्वपूर्ण बातें समझाईं। यह पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा को लेकर एक सतत जिम्मेदारी है जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा।अस्पताल से लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों पर इसी तरह की गतिविधियां चलाई गई। आगे भी इस तरह के इवेंट होंगे। वॉलंटियर टीम जरूरतमंदों को अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं के बारे में भी जानकारी देगी ताकि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तुरंत और सही समय पर मदद मिल सके। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और शहर की अन्य मुख्य सड़कों पर हर वर्ष सर्दियों के मौसम में दुर्घटनाओं के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। कम दृश्यता, फिसलन भरी सड़कें, जल्दबाजी में ओवरटेकिंग और हाइवे पर तेज रफ्तार बड़ी दुर्घटनाओं की वजह बनती हैं। डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स ने लोगों को लो बीम हेडलाइट के उपयोग, धीमी गति बनाए रखने, वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी रखने, इंडिकेटर व हैजर्ड लाइट के सही इस्तेमाल जैसे नियमों को सख्ती से अपनाने की सलाह दी। अभियान के दौरान वॉलंटियर्स ने विशेष रूप से पैदल यात्रियों को कोहरे के मौसम में सड़क पार करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया।

सरकारी आंकड़े बताते हैं भयावह तस्वीर- 

डॉ. डी.के. गुप्ता ने बताया कि सड़क हादसे देश की गंभीर सार्वजनिक समस्या बन चुके हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में देशभर में 4.80 लाख से अधिक सड़क दुर्घटना दर्ज की गईं, जिनमें 1.72 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। यह आंकड़ा चिंताजनक है, क्योंकि औसतन हर दिन 474 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य इन हादसों को कम करना और लोगों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

नीलक्शी की स्मृति में शुरू की गई संवेदनशील पहल- 

फेलिक्स हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ रश्मि गुप्ता ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक पहलू तब देखने को मिला। इस दौरान अस्पताल की कर्मचारी नीलक्शी की याद किया गया। जिसकी सड़क हादसे में असमय मृत्यु ने सभी को गहरा दुख दिया था। यदि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन समय पर किया जाए, तो नीलक्शी जैसी अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। अस्पताल के कर्मचारियों ने पोस्टर और प्लेकार्ड के माध्यम से लोगों से अपील की कि वे खुद भी सुरक्षित चलें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोग रुके और अस्पताल के इस प्रयास की सराहना की। कई वाहन चालकों ने वॉलंटियर्स से चर्चा की और कहा कि ऐसी गतिविधियां सर्दियों में अधिक प्रभावी साबित होती हैं। शहर की तेज रफ्तार जिंदगी में अक्सर लोग सावधानियों को नजरअंदाज करते हैं। इसलिए समय-समय पर ऐसी चेतावनी और जागरूकता जरूरी है। आगे भी अस्पताल विभिन्न स्कूलों, कार्यालयों और सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा पर और कार्यक्रम आयोजित करेगा। प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया जाएगा। जिसी दुर्घटना के वक्त लोग तुरंत सहायतार्थ कदम उठा सकें।

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