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ग्रेटर नॉएडा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (GIPS) द्वारा नेशनल लीडरशिप कॉन्क्लेव: गियर अप टू ग्रो का आयोजन

ग्रेटर नॉएडा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (GIPS) द्वारा नेशनल लीडरशिप कॉन्क्लेव: गियर अप टू ग्रो का आयोजन
आज दिनांक 21 मई 2022 को ग्रेटर नॉएडा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (GIPS) के एचआर क्लब “समन्वय ए सिनर्जी” एवं टीएलसी हेलिओस द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल लीडरशिप कॉन्क्लेव “गियर अप टू ग्रो” का आयोजन किया गया l सभी गणमान्य उपस्थित व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह में भाग लिया और माता सरस्वती की वंदना की I
सत्र का शुभारम्भ डॉ सविता मोहन प्रिंसिपल ग्रेटर नॉएडा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज द्वारा किया गया , उन्होंने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि लीडरशिप एक गुण है जिससे आप दूसरों से आगे जा सकते हैं। नेता सार्वजनिक जीवन जीते हैं जिससे आसपास के लोगों को मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलती है। एक महान नेता में कई गुण होते हैं जो उन्हें लोकप्रिय बनाते हैं। लीडरशिप करने की क्षमता एक गुण है जो कुछ ही लोगों के अन्दर देखी जाती है। कुछ लोगों को यह विरासत में मिलती है जबकि कुछ इसे समय की अवधि के साथ प्राप्त करते हैं।
कॉन्क्लेव में इंडस्ट्री से प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किये जिसमे फॅमिली एवं रिलेशनशिप कोच श्रीमती स्मिता मित्तल ने कहा कि हमारा नज़रिया इस बात पर निर्भर करता है कि हम क्या विश्वास, चेंज एवं ग्रोथ कर सकते है एक अच्छा नेता अपनी टीम के लोगों की शक्तियों और कमजोरियों और साथ ही उनकी स्थिति को समझते हुए उनको अपना सर्वश्रेष्ठ कार्य करने में सहायता करता है। इससे न केवल अपने आस-पास के लोगों की मदद होती है बल्कि खुद की मानसिकता में भी व्यापक स्तर पर विस्तार होता है।
लाइफ रिबूट कोच डॉ .स्मिता मालिक ने कहा कि सफलता के लिए, नजरिया उतना ही ज़रूरी है जितनी की काबीलियत , उन्होंने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे खुशी या गम का बड़ा हिस्सा हमारे स्वभाव पर निर्भर करता है, न कि हमारी परिस्थितियों पर।
सीनियर वाईस प्रेजिडेंट टीएलसी श्री सचिन दहिया – सक्सेस हैबिट्स कोच जी ने कहा कि सफलता हर किसी के जीवन का लक्ष्य है। जीवन चुनौतियों और अवसरों से भरा है लेकिन केवल उन्हीं लोगों के लिए जो वास्तव में अवसरों को प्राप्त करने और चुनौतियों का सामना करने के लिए संघर्ष करते हैं। कड़ी मेहनत और समर्पण सफलता की यात्रा का एकमात्र मंत्र हैं। उत्साह और कड़ी मेहनत के बिना कोई भी सफलता हासिल नहीं कर सकता।
कैरियर मैनेजमेंट कोच, श्री पार्था बनर्जी ने कहा कि एक लीडर को विभिन्न प्रकार के लोगों से निपटने की आवश्यकता होती है। उसे लोगों की सहायता करने, उनके मुद्दों को सुलझाने, उनसे संबंधित प्रमुख निर्णय लेने और कई मामलों में उनके कार्यों के लिए उत्तरदायी भी होने की ज़रूरत पड़ती है। यदि आप लोगों और उनकी परिस्थितियों को समझ रहे हैं तो आपको बेहतर समझ है और नेता के रूप में आप प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम होंगे। उन्होंने रतन टाटा एवं डॉ ए पी जे अब्दुल कलम का उदाहरण पेश किया l
प्रिवेंटिव फिजियोथेरेपी कोच डॉ अनिल शर्मा जी ने कहा कि प्रिवेंटिव फिजियोथेरेपी, या प्रीहैबिलिटेशन, तब होता है जब आप किसी फिजियोथेरेपिस्ट को अपने शरीर को एक भौतिक लक्ष्य या मांग के लिए तैयार करने के लिए देखते हैं। निवारक फिजियोथेरेपी चोट के कम जोखिम और शारीरिक प्रदर्शन में वृद्धि के साथ जुड़ा हुआ है।उन्होंने जीवनचर्या मे सभी को अपने पोस्चर को सही करने पर जोर दिया एवं पोस्चर का सही तरीका बताकर उसको अपनाने पर जोर दिया I
कैरियर एनहांसमेंट कोच, सीमा सहाय जो कि न केवल एक प्रशिक्षक बल्कि कुशल कैरियर विशेषज्ञ और प्रेरक हैं जी ने कहा कि जीवन में कुछ भी प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को धैर्यवान होना चाहिए। कभी-कभी अधीरता ही हमारी असफलता का कारण बन जाती है। बिल गेट्स ने भी कहा है कि धैर्य सफलता का एक प्रमुख तत्व है।उन्होंने डिजिटल प्रजेंस को आवश्यक बताया l
कोस्ट अकाउंटेंट श्री अश्वनी अग्रवाल जी ने कहा कि आधुनिक व्यापारिक दुनिया में, व्यापारिक संगठनों की प्रकृति और कार्यप्रणाली बहुत जटिल हो गई है। उन्होंने सर्वाइवल विचारधारा एवं कभी भी हार न मानने के लिए सभी को प्रोत्साहित किया l
मदर नेचर कोच श्री शशांक श्रीवास्तव जी ने कहा कि आप हर स्थिति में आशावादी रहते हैं तो आप उन व्यक्तियों में से एक हैं जो समस्याग्रस्त स्थितियों में भी उज्ज्वल पक्ष को देखते हैं। आप अपने आप में विश्वास करते हैं और अक्सर खुद को याद दिलाते हैं कि अगर कुछ कर-गुज़रने की इच्छा है तो कुछ भी असंभव नहीं है।उन्होंने सभी को प्रकृति से दूर जाने पर आगाह करते हुए सेहत के लिए आवश्यक जानकारी दी I
इमेज कंसलटेंट बाण्या बासु ने कहा कि फस्ट इम्प्रेशन इज लास्ट इम्प्रेशन। यह बात इंटरव्यू से लेकर नौकरी आदि पाने के लिए हर जगह लागू होती है। लोगों के दिलो-दिमाग में आप पहली बार जैसा प्रभाव डालने में कामयाब रहते हैं, उनके दिमाग में जिंदगी भर आपकी वैसी ही छवि (इमेज) बनी रहती है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो पहली बार में लोगों को प्रभावित नहीं कर पाते, इसलिए वे दूसरों के सामने खुद को प्रभावित करने के लिए अपनी खास छवि बनाने की कोशिश करते हैं।
सक्सेस माइंडसेट कोच श्री अनंत अग्रवाल जी ने कहा कि अक्सर आप पढ़ते होंगे कि इंसान जैसा सोचता है, वह वैसा ही बनता जाता है। यदि किसी की सोच पॉजिटिव है तो उसकी अप्रोच में भी उसका असर झलकने लगता है और वह अवसरों की तलाश करने लगता है। लेकिन अगर किसी का माइंडसेट ही निगेटिव है तो उसे हर काम में खामियां ही दिखती हैं।उन्होंने सफलता के लिए आपका आशावादी होना जरुरी है । इससे हम किसी भी परिस्थिति में अपने लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।
कॉन्क्लेव का सञ्चालन प्रोफ श्वेता वाही द्वारा किया गया l डीन एकेडेमिक्स डॉ अविजित कुमार डे ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कॉन्क्लेव मे आये सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया एवं सभी को कहा कि आज दिए गए ज्ञान से यह मिथक तोड़ने में मदद मिलेगी इससे आप अपने अंदर मौजूद लीडरशिप के गुणों और अद्वितीय लीडरशिप शैली को पहचान कर उन पर महारथ हासिल कर सकते हैं।

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