गौतमबुद्धनगरग्रेटर नोएडा

ऑक्सफोर्ड ग्रीन पब्लिक विद्यालय का वातावरण हुआ ‘ संस्कृतमय ‘ ।

 

वातावरण सार्वजनिक वातावरण का ‘संस्कृतिमय’ ।

भारत और भारत के ब्लॉग पब्लिक स्कूल, ग्रेटर संस्कृत के सम्पादित्वावधान में ग्रेटर संचारी क्लास ग्रेटर नोएडा पब्लिक स्कूल डॉ. ज्ञान के प्रकाशन के लिए जानकारों के विचार के लिए 10 ऑनलाइन इंटरनेट-संस्कृत-संस्कृत-सम्भा— 12-06-2021 से 12-06-2021 तक संज्ञेय बंद हो गया। संचार कार्यक्रम आज अतीव उमंग और प्रचार से बाहर किया गया। प्रोग्राम प्रोग्राम में प्रकाशित – ब्लॉग अपनी संस्कृतमय सूचना को भी प्रदर्शित नहीं किया गया।
कक्षा में व्यायाम संस्कृत भारती जिला साप्ताहिक कक्षा प्रमुख और बालकेंद्र प्रमुख  कर्ण शर्मा जी द्वारा जो जावा में मेरठ एमआईईटी प्रकाशन में प्रकाशित होता है। संस्कृत भाषा को मध्यम से सेंसर किया जा सकता है। किस भाषा में भाषा भाषा में टाइप की गई है। प्रशिक्षण का प्रमुख प्रस्ताव । ज्ञानसम्पदा ने ज्ञानसम्पदा , पाठ कौशलता और सहनशीलता के बल पर फलीभूत .
लिए ऑक्सफोर्ड
प्रयोगशाला के लिए ठीक से जांच कर रहा है। विशेष समय सायन 07:00 बजे से 08:00 बजे तक। कक्षा में वर्गाश्ती- भाषा-संस्करण में भाषा-परिपत्र , नुस्खों का ज्ञान, सर्वनाम का अंक , वाक्यप्रयोग, सख्या्ख्या, और विकिश्ती का सूक्ष्मता से सूक्ष्मता से -कार्य क्रम में क्लास के अपने अनुभव को प्रमाणित करने और साथ में प्रशिक्षण को ज्ञान और रुचिकर पेश करना। प्रशिक्षण की प्रशंसा ने कहा कि इस प्रकार के व्यायाम को अच्छी तरह से करना चाहिए ।समापन-कार्यक्रम में अतिथिदेवों के रूप में उपस्थित ऑक्सफोर्ड ग्रीन पब्लिक विद्यालय की प्रबन्धिका एवं वर्ग की संयोजिका आदरणीया नूतन भाटी  ( विभाग संयोजिका ,संस्कृत भारती ग्रेटरनोयडा ), श्रीमान डॉ. नरेन्द्र पाण्डेय (प्रान्तमन्त्री , संस्कृतभारती मेरठ एवं प्रोफ़ेसर संस्कृतविभाग , चौ.चरणसिंहविश्वविद्यालय ) , श्रीमान विवेक कौशिक जी संगठन सँस्कृतभारती उत्तरबिहार एवं शोधकर्ता , कैलीफ़ॉर्निया यूनिवर्सिटी , अमेरिका ) , श्रीमति मिनाक्षी भंगल जी ( प्रधानाचार्या , सिरसा ब्रान्च ) , श्रीमान अतुल शर्मा जी (प्रधानाचार्य , खेड़ा ब्रान्च ) ,श्रीमति नीना खोका ( प्रधानाचार्या , पीपलका ब्रान्च ), श्रीमति अनीता सिंह ( शिक्षा निदेशक , खेड़ाब्रान्च ) आदि सभी सम्माननीय अतिथियों द्वारा संस्कृत भाषा के विषय में , उसकी विशेषता , आवश्यकता और उपयोगिता को बताया कि भविष्य संस्कृत में ही निहित है । नासा द्वारा आधुनिक-सुपर-कम्प्यूटर भी संस्कृत भाषा में ही निर्माण किये जा रहे हैं । क्योंकि संस्कृत भाषा ही विश्व की सभी भाषाओं में सबसे स्पष्ट और वैज्ञानिक भाषा है । संस्कृतभाषा का उच्चारण करने से जीभ की सभी मांसपेशियाँ कार्य करती हैं । संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता को जानते हुए विश्व के 39 देशों में अनिवार्य विषय के अन्तर्गत संस्कृत को नियमित रूप से पढ़ाया जा रहा है । फिर भारत में जिस देश की यह भाषा है । उसी देश में संस्कृत की इतनी उपेक्षा क्यों ? यह चिन्तन का विषय है क्योंकि अपने मूल से पृथक होकर कोई भी उन्नति नही कर सकता । और भारत का मूल है ‘ संस्कृतभाषा ‘ ।
समापन कार्यक्रम का सम्पूर्ण सञ्चालन संस्कृतभाषा में शिक्षिका संगीता मेंहदीरत्ता (संस्कृत+हिन्दी,सिरसाब्रांच) एवं अतिथिपरिचय शिक्षिका रजनीराघव( हिन्दी,सिरसाब्रांच) एवं धन्यवादज्ञापन श्रीमति वन्दनाशर्मा जी (उपप्रधानाचार्या , सिरसाब्रांच) द्वारा किया गया । कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों मयंकशर्मा (सरस्वतीवन्दना), लविशनागर (ध्येयमन्त्र), सहरीस (स्वस्यपरिचय), लक्ष्यशर्मा (सङ्ख्यावाचन), प्रवीन(स्वस्यपरिचय) द्वारा संस्कृत में प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को आनन्दमय बना दिया । और वातावरण को संस्कृतमय किया ।
प्रोग्राम में अन्य गुरुत्वाचारी जी (स्घटंतमन्त्री, संस्कृत भारती)राहुलशास्त्री जी (विभाग्यसंय, विद्या (बुलन्दशहर), अमीत कुमार बालियान जी (प्रान्तप्रशिक्षणप्रमुख) शशिकान्त विज्ञान (प्रशिक्षणप्रमुख), उदयचन्द्र (जिला प्रमाक्ष), कुमार (शि, के, चारप्र), (जिला प्रमाक्ष), हिंदी+संस्कृत,खेड़ाब्रांच), गीताधरी जी(हिंदी,सिरसाब्रंच), नसं सभी संस्कृत प्रेमीचौथ मौजूद रहे

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