कैलाश इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग , नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रचिंतना द्वारा “साइबर सुरक्षा: चुनौतियां एवं समाधान ” विषय पर 34 वीं गोष्ठी हुई आयोजित
कैलाश इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग , नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रचिंतना द्वारा “साइबर सुरक्षा: चुनौतियां एवं समाधान ” विषय पर 34 वीं गोष्ठी हुई आयोजित

ग्रेटर नोएडा ।कैलाश इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग , नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रचिंतना द्वारा “साइबर सुरक्षा: चुनौतियां एवं समाधान ” विषय पर 34 वीं गोष्ठी आयोजित की गई।प्रोफेसर विवेक कुमार के तीन बार ॐ के नाद, संस्कार पक्ष द्वारा कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। विषय परिचय करवाते हुए प्रोफेसर विवेक ने कहा की अपराध का विषय, प्रवृत्ति, प्रकृति और स्केल तेजी से बदल रहा है। आभासीय माध्यमों तथा डिजिटल लेनदेन के कारण समस्या मानवता के लिए विकट बनती जा रही है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ त्रिवेणी सिंह पूर्व पुलिस अधीक्षक, पूर्णेन्दु घोष, संयुक्त सचिव, इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन एवं संस्थापक वन रूफ सॉल्यूशन को स्मृति चिन्ह व पटका देकर सम्मानित किया गया। अपने प्रेरक उद्बोधन में डॉ त्रिवेणी सिंह ने सभी उपस्थित प्रबुद्ध जनों से आभासीय माध्यमों पर विमर्श तथा डिजिटल लेनदेन के समय सचेत रहने का मंत्र दिया गया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी सुरक्षा एजेंसियों से भी दो कदम आगे चलकर नए-नए तरीके से फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कॉल स्पूफिंग, ईमेल स्पूफिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके अनेकों प्रकार के प्रपंच द्वारा जनता का लगभग 55000 करोड़ रूपया बाहर विदेशों में भेजा जा चुका है। यह एक तरह से समानांतर अर्थव्यवस्था चलने जैसा है। भारतवर्ष तथा इसके महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने छात्रों से आभासीय माध्यम का प्रयोग करते हुए सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने अनेकों उदाहरण देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा देते हुए, साक्षात्कार निमंत्रण पत्र के समय अथवा नौकरी के सिलेक्शन पत्र प्राप्त होने पर भी अत्यंत सजग रहने की आवश्यकता है। डिजिटल उपकरण के अत्यधिक प्रयोग से मानव के सम्मुख समस्याओं का अंबार लग गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की के आभासीय निजी डाटा प्रोटक्शन बिल 2023 के पूर्ण रूप से प्रभावित होने के पश्चात बहुत ही समस्याओं में कमी दिखाई देगी। पूर्णेन्दु घोष ने किसी भी साइबर फ्रॉड के समय सजग रहने, सचेत रहने तथा तुरंत प्रभावी कदम उठाने का मूल मंत्र उपस्थित जनता को प्रदान किया।राष्ट्र चिंतना अध्यक्ष प्रोफेसर बलवंत सिंह राजपूत ने अपने उद्बोधन में आभासी है माध्यमों के उपयोग तथा डिजिटल ट्रांजेक्शन के फ्रॉड को रोकने के लिए अति शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अगर दूरसंचार के माध्यमों से संपर्क स्थापित करने में मानव असहज महसूस करेगा तो यकीनन रिश्ते प्रभावित होंगे। उन्होंने नॉलेज पार्क के लाखों विद्यार्थियों, साधारण जनता विशेष कर वरिष्ठ जनों के लिए जनजागरण अभियान चलाने पर बल दिया।राष्ट्रचिंतना ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष राजेश बिहारी ने विशिष्ट वक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया कि इस समसामयिक विषय पर अपने विचार साझा कर उन्होंने समाज की भलाई का कार्य किया है। उन्होंने कैलाश इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग के निदेशक डॉ संदीप अग्रवाल जी को भी विशेष आभार प्रकट किया जिनका इस संस्थान में कार्यक्रम आयोजित करने में योगदान रहता है। कार्यक्रम में डॉ आकांक्षा, डॉ लेखा सिंह, डॉ निधि माहेश्वरी, सरोज अरोड़ा, राशि पाठक, प्रतिभा झा, श्रीमती संगीता वर्मा डॉ दिव्या अग्रवाल, राजेंद्र सोनी, नीरज जिंदल, किसलय कुमार, बिजेंद्र सिंह, नीरज कौशिक, श्री चंद् गुप्ता, दिव्या सिकरवार, प्रियंका चौहान आदि प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।



