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गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 27वें सीईसी-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव का शुभारंभ

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 27वें सीईसी-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव का शुभारंभ

ग्रेटर नोएडा । गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 27वें कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सी ई सी )-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ । वर्ष 1988 से आयोजित हो रहा यह महोत्सव राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागियों के लिए खुला है, जिसमें शिक्षाविदों, शैक्षणिक संस्थानों, फिल्म निर्माताओं, प्रोड्यूसरों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है। यह महोत्सव सिनेमा के माध्यम से शैक्षिक विषयों के प्रति जागरूकता, समालोचनात्मक दृष्टिकोण और सार्थक संवाद को बढ़ावा देता है।

कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन एवं उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रो. (डॉ.) परीक्षत सिंह मानहास, निदेशक, सीईसी; प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय; प्रो. माधव गोविंद, डीन, स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज तथा डॉ. सुनील मेहरू, संयुक्त निदेशक (सॉफ्टवेयर) उपस्थित रहे।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) परीक्षत सिंह मानहास ने भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह फिल्म महोत्सव एक सशक्त मंच है, जिसके माध्यम से सीईसी फिल्म निर्माताओं और शिक्षाविदों को इस ज्ञान को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने “सिनेमा फॉर चेंज” की अपनी परिकल्पना साझा करते हुए कहा कि शैक्षिक वीडियो के माध्यम से देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक भी शिक्षा पहुंचाई जा सकती है।उन्होंने युवाओं और शिक्षकों के लिए बदलते डिजिटल परिवेश में निरंतर कौशल विकास (अपस्किलिंग) के महत्व पर बल देते हुए कहा कि तकनीक केवल एक साधन है, जबकि वास्तविक नेतृत्व मशीन के पीछे कार्य करने वाले व्यक्ति का होता है।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने निदेशक, सीईसी की परिकल्पना का समर्थन करते हुए कहा कि यह फिल्म महोत्सव उच्च शिक्षा में वीडियो कंटेंट निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा के भविष्य की चर्चा करते हुए कहा कि एम ओ ओ सी एस (मासिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज) के माध्यम से ज्ञान का प्रसार समय की आवश्यकता है तथा डिजिटल पाठ्यक्रमों का मुख्यधारा की शिक्षा में समावेश आवश्यक है।

इस वर्ष के अवॉर्ड-कम-स्क्रीनिंग समारोह में 12 विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनमें सृजनात्मकता, नवाचार आधारित आईसीटी शिक्षण और तकनीकी उत्कृष्टता जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही मीडिया छात्रों के लिए “बेस्ट एमेच्योर वीडियो प्रोडक्शन अवॉर्ड” तथा यूजीसी-सीईसी मीडिया केंद्रों के लिए “बेस्ट प्रोग्राम ऑफ द ईयर अवॉर्ड” भी दिए जाएंगे।इस संस्करण में कुल 320 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से विशेषज्ञ जूरी द्वारा चयनित 19 फिल्मों का दो दिनों के दौरान प्रदर्शन किया जाएगा। विजेताओं को ₹25,000 से ₹1,00,000 तक की नकद राशि, स्क्रीनिंग प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।कार्यक्रम में मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधि, फिल्म निर्माता, विश्वविद्यालय के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, सीईसी के शैक्षिक मल्टीमीडिया अनुसंधान केंद्रों (ई एम आर सी एस ) के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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